पंचांग · गुरुवार, 20 अक्टूबर 2039नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2096

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:25सूर्योदय17:47सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 16:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2517:47
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:31 –14:56
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:25दिन17:47
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:47रात06:25
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    16:10 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    13:20, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:43 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:36, 21 अक्टू॰ तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    03:37, 22 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    14:40 तक
  2. सौभाग्य
    11:10, 21 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    16:10 तक
  2. वणिज
    02:44, 21 अक्टू॰ तक
  3. विष्टि
    13:20, 21 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:25
बिंब मध्य 06:28
सूर्यास्त
17:47
बिंब मध्य 17:43
चंद्रोदय
08:56
चंद्रास्त
19:51
दिनमान
11h 22m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृश्चिक
03:37, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2096
शक संवत
1961

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:34
  • प्रातः संध्या05:09 –06:25
  • अभिजित मुहूर्त11:43 –12:29
  • विजय मुहूर्त14:00 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:47 –18:12
  • सायाह्न संध्या17:47 –19:03
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:31, 21 अक्टू॰
  • अमृत काल20:07 –21:34
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:31 –14:56
  • यमगंड06:25 –07:50
  • गुलिक काल09:15 –10:41
  • दुर्मुहूर्त10:12 –10:58
  • दुर्मुहूर्त14:45 –15:30
  • वर्ज्य11:22 –12:49
  • गंड मूल05:36 –06:25, 21 अक्टू॰
  • भद्रा02:44 –06:25, 21 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:25 – 07:50
  • रोग07:50 – 09:15
  • उद्वेग09:15 – 10:41
  • चर10:41 – 12:06
  • लाभ12:06 – 13:31
  • अमृत13:31 – 14:56
  • काल14:56 – 16:22
  • शुभ16:22 – 17:47
रात
  • अमृत17:47 – 19:22
  • चर19:22 – 20:57
  • रोग20:57 – 22:31
  • काल22:31 – 00:06
  • लाभ00:06 – 01:41
  • उद्वेग01:41 – 03:16
  • शुभ03:16 – 04:51
  • अमृत04:51 – 06:25

होरा

दिन
  • गुरु06:25–07:22
  • मंगल07:22–08:18
  • सूर्य08:18–09:15
  • शुक्र09:15–10:12
  • बुध10:12–11:09
  • चन्द्र11:09–12:06
  • शनि12:06–13:03
  • गुरु13:03–14:00
  • मंगल14:00–14:56
  • सूर्य14:56–15:53
  • शुक्र15:53–16:50
  • बुध16:50–17:47
रात
  • चन्द्र17:47–18:50
  • शनि18:50–19:53
  • गुरु19:53–20:57
  • मंगल20:57–22:00
  • सूर्य22:00–23:03
  • शुक्र23:03–00:06
  • बुध00:06–01:09
  • चन्द्र01:09–02:13
  • शनि02:13–03:16
  • गुरु03:16–04:19
  • मंगल04:19–05:22
  • सूर्य05:22–06:25

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:43 तक
  • अनुराधा 1 पद13:11 तक
  • अनुराधा 2 पद18:39 तक
  • अनुराधा 3 पद00:07, 21 अक्टू॰ तक
  • अनुराधा 4 पद05:36, 21 अक्टू॰ तक
  • ज्येष्ठा 1 पद11:05, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 22m
रात्रिमान
12h 38m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:43 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:36, 21 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
आकाश · 16:10 तकपाताल
शिववास
सभा में · 16:10 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:25 –07:43
  • शुभ मुहूर्त07:43 –08:38
  • चोर पंचक08:38 –10:57
  • शुभ मुहूर्त10:57 –13:00
  • रोग पंचक13:00 –14:43
  • शुभ मुहूर्त14:43 –16:10
  • मृत्यु पंचक16:10 –16:10
  • अग्नि पंचक16:10 –17:35
  • शुभ मुहूर्त17:35 –19:10
  • मृत्यु पंचक19:10 –21:06
  • अग्नि पंचक21:06 –23:21
  • शुभ मुहूर्त23:21 –01:41, 21 अक्टू॰
  • राज पंचक01:41 –03:58, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:58 –05:36, 21 अक्टू॰
  • चोर पंचक05:36 –06:15, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:15 –06:25, 21 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:19 –08:38
  • वृश्चिक08:38 –10:57
  • धनु10:57 –13:00
  • मकर13:00 –14:43
  • कुम्भ14:43 –16:10
  • मीन16:10 –17:35
  • मेष17:35 –19:10
  • वृषभ19:10 –21:06
  • मिथुन21:06 –23:21
  • कर्क23:21 –01:41, 21 अक्टू॰
  • सिंह01:41 –03:58, 21 अक्टू॰
  • कन्या03:58 –06:15, 21 अक्टू॰
  • तुला06:15 –08:34, 21 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2039

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2039 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:25 और सूर्यास्त 17:47 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 16:10 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:43 तक, फिर अनुराधा; योग आयुष्मान् 14:40 तक, फिर सौभाग्य; करण गर 16:10 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:31–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:29। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2096, शक संवत 1961।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 20 अक्टूबर 2039 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 16:10 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:25, नई दिल्ली)।

20 अक्टूबर 2039 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:43 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अक्टूबर 03:37 तक।

नई दिल्ली में 20 अक्टूबर 2039 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:31–14:56, यमगण्ड 06:25–07:50, गुलिक काल 09:15–10:41।

नई दिल्ली में 20 अक्टूबर 2039 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:47, चंद्रोदय 08:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अक्टूबर 2039 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:43–12:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:34। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2039आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2039मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4131° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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