पंचांग · सोमवार, 4 अक्टूबर 2038नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2095

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:16सूर्योदय18:04सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल सप्तमी
शुक्ल · 03:56, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
08:10 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1618:04
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:44 –09:13
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:16दिन18:04
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
गुलिक काल
गंड मूल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:04रात06:16
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल सप्तमी
    03:56, 5 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल अष्टमी
    02:57, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    08:10 तक
  2. मूलस्वामी केतु
    07:20, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. सौभाग्य
    19:02 तक
  2. शोभन
    16:54, 5 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    16:41 तक
  2. वणिज
    03:56, 5 अक्टू॰ तक
  3. विष्टि
    15:22, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:16
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:04
बिंब मध्य 18:00
चंद्रोदय
12:07
चंद्रास्त
22:44
दिनमान
11h 48m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
08:10 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2095
शक संवत
1960

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
  • प्रातः संध्या05:03 –06:16
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:55
  • गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:28
  • सायाह्न संध्या18:04 –19:17
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:34, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल01:09 –02:42, 5 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:44 –09:13
  • यमगंड10:41 –12:10
  • गुलिक काल13:38 –15:07
  • दुर्मुहूर्त12:33 –13:21
  • दुर्मुहूर्त14:55 –15:42
  • वर्ज्य05:48 –07:20, 5 अक्टू॰
  • गंड मूल06:16 –08:10
  • गंड मूल08:10 –06:16, 5 अक्टू॰
  • भद्रा03:56 –06:16, 5 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:16 – 07:44
  • काल07:44 – 09:13
  • शुभ09:13 – 10:41
  • रोग10:41 – 12:10
  • उद्वेग12:10 – 13:38
  • चर13:38 – 15:07
  • लाभ15:07 – 16:35
  • अमृत16:35 – 18:04
रात
  • चर18:04 – 19:35
  • रोग19:35 – 21:07
  • काल21:07 – 22:38
  • लाभ22:38 – 00:10
  • उद्वेग00:10 – 01:42
  • शुभ01:42 – 03:13
  • अमृत03:13 – 04:45
  • चर04:45 – 06:16

होरा

दिन
  • चन्द्र06:16–07:15
  • शनि07:15–08:14
  • गुरु08:14–09:13
  • मंगल09:13–10:12
  • सूर्य10:12–11:11
  • शुक्र11:11–12:10
  • बुध12:10–13:09
  • चन्द्र13:09–14:08
  • शनि14:08–15:07
  • गुरु15:07–16:06
  • मंगल16:06–17:05
  • सूर्य17:05–18:04
रात
  • शुक्र18:04–19:05
  • बुध19:05–20:06
  • चन्द्र20:06–21:07
  • शनि21:07–22:08
  • गुरु22:08–23:09
  • मंगल23:09–00:10
  • सूर्य00:10–01:11
  • शुक्र01:11–02:12
  • बुध02:12–03:13
  • चन्द्र03:13–04:14
  • शनि04:14–05:15
  • गुरु05:15–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 4 पद08:10 तक
  • मूल 1 पद13:54 तक
  • मूल 2 पद19:40 तक
  • मूल 3 पद01:29, 5 अक्टू॰ तक
  • मूल 4 पद07:20, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 48m
रात्रिमान
12h 12m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 08:10 तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 08:10 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 08:10 तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 03:56, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 03:56, 5 अक्टू॰ तकश्मशान में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:16 –07:20
  • शुभ मुहूर्त07:20 –08:10
  • रोग पंचक08:10 –09:40
  • शुभ मुहूर्त09:40 –11:58
  • मृत्यु पंचक11:58 –14:02
  • अग्नि पंचक14:02 –15:44
  • शुभ मुहूर्त15:44 –17:12
  • राज पंचक17:12 –18:37
  • अग्नि पंचक18:37 –20:12
  • शुभ मुहूर्त20:12 –22:08
  • राज पंचक22:08 –00:23, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:23 –02:43, 5 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:43 –03:56, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:56 –05:00, 5 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:00 –06:16, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:04 –07:20
  • तुला07:20 –09:40
  • वृश्चिक09:40 –11:58
  • धनु11:58 –14:02
  • मकर14:02 –15:44
  • कुम्भ15:44 –17:12
  • मीन17:12 –18:37
  • मेष18:37 –20:12
  • वृषभ20:12 –22:08
  • मिथुन22:08 –00:23, 5 अक्टू॰
  • कर्क00:23 –02:43, 5 अक्टू॰
  • सिंह02:43 –05:00, 5 अक्टू॰
  • कन्या05:00 –07:16, 5 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2038

सोमवार, 4 अक्टूबर 2038 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 5 अक्टूबर 03:56 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 08:10 तक, फिर मूल; योग सौभाग्य 19:02 तक, फिर शोभन; करण गर 16:41 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:44–09:13, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2095, शक संवत 1960।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2038 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल सप्तमी 5 अक्टूबर 03:56 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 06:16, नई दिल्ली)।

4 अक्टूबर 2038 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 08:10 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 08:10 तक।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2038 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:44–09:13, यमगण्ड 10:41–12:10, गुलिक काल 13:38–15:07।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2038 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 12:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2038 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2038आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2038मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3985° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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