पंचांग · बुधवार, 21 अप्रैल 2038नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2095

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 08:34 तक
नक्षत्र
विशाखा
12:45 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5018:50
बुधवार · बुध
राहु काल
12:20 –13:58
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन18:50
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात05:49
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    08:34 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    05:23, 22 अप्रैल तक
  3. कृष्ण चतुर्थी
    02:47, 23 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    12:45 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    10:28, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    22:31 तक
  2. वरीयान्
    19:06, 22 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    08:34 तक
  2. वणिज
    18:55 तक
  3. विष्टि
    05:23, 22 अप्रैल तक
  4. बव
    16:00, 22 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:46
चंद्रोदय
21:08
चंद्रास्त
07:21
दिनमान
13h 0m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
तुला
07:24 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2095
शक संवत
1960

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:22 –05:06
  • प्रातः संध्या04:44 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:54 –12:46
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:12
  • सायाह्न संध्या18:50 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:42, 22 अप्रैल
  • अमृत काल04:58 –06:23
  • अमृत काल01:03 –02:30, 22 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:20 –13:58
  • यमगंड07:27 –09:05
  • गुलिक काल10:43 –12:20
  • दुर्मुहूर्त11:54 –12:46
  • वर्ज्य16:22 –17:49
  • भद्रा18:55 –05:23, 22 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभ05:50 – 07:27
  • अमृत07:27 – 09:05
  • काल09:05 – 10:43
  • शुभ10:43 – 12:20
  • रोग12:20 – 13:58
  • उद्वेग13:58 – 15:35
  • चर15:35 – 17:13
  • लाभ17:13 – 18:50
रात
  • उद्वेग18:50 – 20:13
  • शुभ20:13 – 21:35
  • अमृत21:35 – 22:57
  • चर22:57 – 00:20
  • रोग00:20 – 01:42
  • काल01:42 – 03:04
  • लाभ03:04 – 04:27
  • उद्वेग04:27 – 05:49

होरा

दिन
  • बुध05:50–06:55
  • चन्द्र06:55–08:00
  • शनि08:00–09:05
  • गुरु09:05–10:10
  • मंगल10:10–11:15
  • सूर्य11:15–12:20
  • शुक्र12:20–13:25
  • बुध13:25–14:30
  • चन्द्र14:30–15:35
  • शनि15:35–16:40
  • गुरु16:40–17:45
  • मंगल17:45–18:50
रात
  • सूर्य18:50–19:45
  • शुक्र19:45–20:40
  • बुध20:40–21:35
  • चन्द्र21:35–22:30
  • शनि22:30–23:25
  • गुरु23:25–00:20
  • मंगल00:20–01:14
  • सूर्य01:14–02:09
  • शुक्र02:09–03:04
  • बुध03:04–03:59
  • चन्द्र03:59–04:54
  • शनि04:54–05:49

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 3 पद07:24 तक
  • विशाखा 4 पद12:45 तक
  • अनुराधा 1 पद18:08 तक
  • अनुराधा 2 पद23:32 तक
  • अनुराधा 3 पद04:59, 22 अप्रैल तक
  • अनुराधा 4 पद10:28, 22 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 0m
रात्रिमान
10h 59m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 07:24 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 12:45 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 07:24 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 08:34 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:23, 22 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 08:34 तकक्रीड़ा में · 05:23, 22 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक05:50 –07:09
  • शुभ मुहूर्त07:09 –08:34
  • राज पंचक08:34 –09:05
  • शुभ मुहूर्त09:05 –11:19
  • चोर पंचक11:19 –12:45
  • शुभ मुहूर्त12:45 –13:40
  • रोग पंचक13:40 –15:57
  • शुभ मुहूर्त15:57 –18:13
  • मृत्यु पंचक18:13 –20:33
  • अग्नि पंचक20:33 –22:51
  • शुभ मुहूर्त22:51 –00:55, 22 अप्रैल
  • राज पंचक00:55 –02:37, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:37 –04:05, 22 अप्रैल
  • चोर पंचक04:05 –05:23, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:23 –05:49, 22 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:33 –07:09
  • वृषभ07:09 –09:05
  • मिथुन09:05 –11:19
  • कर्क11:19 –13:40
  • सिंह13:40 –15:57
  • कन्या15:57 –18:13
  • तुला18:13 –20:33
  • वृश्चिक20:33 –22:51
  • धनु22:51 –00:55, 22 अप्रैल
  • मकर00:55 –02:37, 22 अप्रैल
  • कुम्भ02:37 –04:05, 22 अप्रैल
  • मीन04:05 –05:30, 22 अप्रैल
  • मेष05:30 –07:05, 22 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2038

बुधवार, 21 अप्रैल 2038 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 08:34 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र विशाखा 12:45 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 22:31 तक, फिर वरीयान्; करण गर 08:34 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:20–13:58, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2095, शक संवत 1960।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2038 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 08:34 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:50, नई दिल्ली)।

21 अप्रैल 2038 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 12:45 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 07:24 तक।

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2038 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:20–13:58, यमगण्ड 07:27–09:05, गुलिक काल 10:43–12:20।

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2038 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 21:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अप्रैल 2038 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:22–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2038आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2038मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3922° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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