पंचांग · शुक्रवार, 16 अप्रैल 2038नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2095

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:55सूर्योदय18:48सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 06:27 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
03:30, 17 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5518:48
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:45 –12:21
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:55दिन18:48
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:48रात05:54
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    06:27 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    03:25, 17 अप्रैल तक
  3. शुक्ल त्रयोदशी
    23:53, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    03:30, 17 अप्रैल तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    00:46, 18 अप्रैल तक
योग
  1. वृद्धि
    23:32 तक
  2. ध्रुव
    19:35, 17 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    06:27 तक
  2. बव
    17:00 तक
  3. बालव
    03:25, 17 अप्रैल तक
  4. कौलव
    13:42, 17 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:55
बिंब मध्य 05:58
सूर्यास्त
18:48
बिंब मध्य 18:43
चंद्रोदय
15:26
चंद्रास्त
03:51
दिनमान
12h 53m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
सिंह
08:51, 17 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2095
शक संवत
1960

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:10
  • प्रातः संध्या04:48 –05:55
  • अभिजित मुहूर्त11:55 –12:47
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:21
  • गोधूलि मुहूर्त18:48 –19:10
  • सायाह्न संध्या18:48 –19:54
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:43, 17 अप्रैल
  • अमृत काल21:42 –23:09
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:45 –12:21
  • यमगंड15:34 –17:11
  • गुलिक काल07:31 –09:08
  • दुर्मुहूर्त08:29 –09:21
  • दुर्मुहूर्त12:47 –13:38
  • वर्ज्य13:00 –14:27
  • भद्रा05:55 –06:27

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर05:55 – 07:31
  • लाभ07:31 – 09:08
  • अमृत09:08 – 10:45
  • काल10:45 – 12:21
  • शुभ12:21 – 13:58
  • रोग13:58 – 15:34
  • उद्वेग15:34 – 17:11
  • चर17:11 – 18:48
रात
  • रोग18:48 – 20:11
  • काल20:11 – 21:34
  • लाभ21:34 – 22:57
  • उद्वेग22:57 – 00:21
  • शुभ00:21 – 01:44
  • अमृत01:44 – 03:07
  • चर03:07 – 04:31
  • रोग04:31 – 05:54

होरा

दिन
  • शुक्र05:55–06:59
  • बुध06:59–08:04
  • चन्द्र08:04–09:08
  • शनि09:08–10:12
  • गुरु10:12–11:17
  • मंगल11:17–12:21
  • सूर्य12:21–13:26
  • शुक्र13:26–14:30
  • बुध14:30–15:34
  • चन्द्र15:34–16:39
  • शनि16:39–17:43
  • गुरु17:43–18:48
रात
  • मंगल18:48–19:43
  • सूर्य19:43–20:39
  • शुक्र20:39–21:34
  • बुध21:34–22:30
  • चन्द्र22:30–23:25
  • शनि23:25–00:21
  • गुरु00:21–01:16
  • मंगल01:16–02:12
  • सूर्य02:12–03:07
  • शुक्र03:07–04:03
  • बुध04:03–04:58
  • चन्द्र04:58–05:54

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद11:15 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद16:42 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद22:07 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद03:30, 17 अप्रैल तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद08:51, 17 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 53m
रात्रिमान
11h 6m
मध्याह्न
12:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 03:30, 17 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 06:27 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:25, 17 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 06:27 तककैलाश पर · 03:25, 17 अप्रैल तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक05:55 –06:27
  • शुभ मुहूर्त06:27 –07:29
  • राज पंचक07:29 –09:24
  • शुभ मुहूर्त09:24 –11:39
  • चोर पंचक11:39 –13:59
  • शुभ मुहूर्त13:59 –16:16
  • रोग पंचक16:16 –18:33
  • शुभ मुहूर्त18:33 –20:52
  • मृत्यु पंचक20:52 –23:11
  • अग्नि पंचक23:11 –01:15, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:15 –02:57, 17 अप्रैल
  • राज पंचक02:57 –03:25, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:25 –03:30, 17 अप्रैल
  • चोर पंचक03:30 –04:24, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:24 –05:54, 17 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:53 –07:29
  • वृषभ07:29 –09:24
  • मिथुन09:24 –11:39
  • कर्क11:39 –13:59
  • सिंह13:59 –16:16
  • कन्या16:16 –18:33
  • तुला18:33 –20:52
  • वृश्चिक20:52 –23:11
  • धनु23:11 –01:15, 17 अप्रैल
  • मकर01:15 –02:57, 17 अप्रैल
  • कुम्भ02:57 –04:24, 17 अप्रैल
  • मीन04:24 –05:49, 17 अप्रैल
  • मेष05:49 –07:25, 17 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2038

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2038 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 18:48 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 06:27 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 17 अप्रैल 03:30 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 23:32 तक, फिर ध्रुव; करण विष्टि 06:27 तक, फिर बव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:45–12:21, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2095, शक संवत 1960।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 16 अप्रैल 2038 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 06:27 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:55, नई दिल्ली)।

16 अप्रैल 2038 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 17 अप्रैल 03:30 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 17 अप्रैल 08:51 तक।

नई दिल्ली में 16 अप्रैल 2038 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:45–12:21, यमगण्ड 15:34–17:11, गुलिक काल 07:31–09:08।

नई दिल्ली में 16 अप्रैल 2038 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:48, चंद्रोदय 15:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 अप्रैल 2038 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2038आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2038मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3920° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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