पंचांग · गुरुवार, 21 दिसंबर 2034नई दिल्ली

मार्गशीर्ष · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2091गीता जयंती (मोक्षदा एकादशी)मोक्षदा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:09सूर्योदय17:29सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 07:20 तक
नक्षत्र
अश्विनी
21:19 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:0917:29
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:37 –14:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:09दिन17:29
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:29रात07:10
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
वर्ज्य
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    07:20 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    04:38, 22 दिस॰ तक
  3. शुक्ल द्वादशी
    01:26, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    21:19 तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    18:59, 22 दिस॰ तक
योग
  1. परिघ
    12:50 तक
  2. शिव
    09:17, 22 दिस॰ तक
करण
  1. गर
    07:20 तक
  2. वणिज
    18:04 तक
  3. विष्टि
    04:38, 22 दिस॰ तक
  4. बव
    15:05, 22 दिस॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:09
बिंब मध्य 07:13
सूर्यास्त
17:29
बिंब मध्य 17:24
चंद्रोदय
14:10
चंद्रास्त
02:20
दिनमान
10h 20m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
00:20, 23 दिस॰ तक
सूर्य राशि
धनु

चांद्र पंचांग

अमांत मास
मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:20 –06:15
  • प्रातः संध्या05:47 –07:09
  • अभिजित मुहूर्त11:58 –12:40
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:44
  • गोधूलि मुहूर्त17:29 –17:56
  • सायाह्न संध्या17:29 –18:51
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:47, 22 दिस॰
  • अमृत काल14:39 –16:08
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:37 –14:54
  • यमगंड07:09 –08:27
  • गुलिक काल09:44 –11:02
  • दुर्मुहूर्त10:36 –11:17
  • दुर्मुहूर्त14:44 –15:25
  • वर्ज्य17:37 –19:06
  • वर्ज्य05:59 –07:26, 22 दिस॰
  • गंड मूल07:09 –21:19
  • भद्रा18:04 –04:38, 22 दिस॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ07:09 – 08:27
  • रोग08:27 – 09:44
  • उद्वेग09:44 – 11:02
  • चर11:02 – 12:19
  • लाभ12:19 – 13:37
  • अमृत13:37 – 14:54
  • काल14:54 – 16:11
  • शुभ16:11 – 17:29
रात
  • अमृत17:29 – 19:11
  • चर19:11 – 20:54
  • रोग20:54 – 22:37
  • काल22:37 – 00:19
  • लाभ00:19 – 02:02
  • उद्वेग02:02 – 03:45
  • शुभ03:45 – 05:27
  • अमृत05:27 – 07:10

होरा

दिन
  • गुरु07:09–08:01
  • मंगल08:01–08:53
  • सूर्य08:53–09:44
  • शुक्र09:44–10:36
  • बुध10:36–11:28
  • चन्द्र11:28–12:19
  • शनि12:19–13:11
  • गुरु13:11–14:02
  • मंगल14:02–14:54
  • सूर्य14:54–15:46
  • शुक्र15:46–16:37
  • बुध16:37–17:29
रात
  • चन्द्र17:29–18:37
  • शनि18:37–19:46
  • गुरु19:46–20:54
  • मंगल20:54–22:03
  • सूर्य22:03–23:11
  • शुक्र23:11–00:19
  • बुध00:19–01:28
  • चन्द्र01:28–02:36
  • शनि02:36–03:45
  • गुरु03:45–04:53
  • मंगल04:53–06:01
  • सूर्य06:01–07:10

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 2 पद10:17 तक
  • अश्विनी 3 पद15:49 तक
  • अश्विनी 4 पद21:19 तक
  • भरणी 1 पद02:47, 22 दिस॰ तक
  • भरणी 2 पद08:12, 22 दिस॰ तक
सूर्य नक्षत्र
मूल 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 20m
रात्रिमान
13h 41m
मध्याह्न
12:19

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 21:19 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:20 तकआकाश · 04:38, 22 दिस॰ तकपाताल
शिववास
सभा में · 07:20 तकक्रीड़ा में · 04:38, 22 दिस॰ तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त07:09 –07:20
  • रोग पंचक07:20 –08:56
  • शुभ मुहूर्त08:56 –10:38
  • मृत्यु पंचक10:38 –12:05
  • अग्नि पंचक12:05 –13:30
  • शुभ मुहूर्त13:30 –15:06
  • मृत्यु पंचक15:06 –17:01
  • अग्नि पंचक17:01 –19:16
  • शुभ मुहूर्त19:16 –21:19
  • राज पंचक21:19 –21:36
  • शुभ मुहूर्त21:36 –23:53
  • चोर पंचक23:53 –02:10, 22 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त02:10 –04:29, 22 दिस॰
  • रोग पंचक04:29 –04:38, 22 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त04:38 –06:48, 22 दिस॰
  • मृत्यु पंचक06:48 –07:10, 22 दिस॰

उदय लग्न

  • धनु06:52 –08:56
  • मकर08:56 –10:38
  • कुम्भ10:38 –12:05
  • मीन12:05 –13:30
  • मेष13:30 –15:06
  • वृषभ15:06 –17:01
  • मिथुन17:01 –19:16
  • कर्क19:16 –21:36
  • सिंह21:36 –23:53
  • कन्या23:53 –02:10, 22 दिस॰
  • तुला02:10 –04:29, 22 दिस॰
  • वृश्चिक04:29 –06:48, 22 दिस॰
  • धनु06:48 –08:52, 22 दिस॰

पंचांग · नई दिल्ली, 21 दिसंबर 2034

गुरुवार, 21 दिसंबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:09 और सूर्यास्त 17:29 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 07:20 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र अश्विनी 21:19 तक, फिर भरणी; योग परिघ 12:50 तक, फिर शिव; करण गर 07:20 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य धनु राशि में। राहुकाल 13:37–14:54, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:40। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 21 दिसंबर 2034 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 07:20 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 07:09, नई दिल्ली)।

21 दिसंबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 21:19 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 23 दिसंबर 00:20 तक।

नई दिल्ली में 21 दिसंबर 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:37–14:54, यमगण्ड 07:09–08:27, गुलिक काल 09:44–11:02।

नई दिल्ली में 21 दिसंबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:09, सूर्यास्त 17:29, चंद्रोदय 14:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 दिसंबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:58–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 05:20–06:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

21 दिसंबर 2034 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गीता जयंती (मोक्षदा एकादशी), मोक्षदा एकादशी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर दिसंबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3456° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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