पंचांग · शनिवार, 4 नवंबर 2034नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- कृष्ण नवमी20:36 तक
- कृष्ण दशमी21:12, 5 नव॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध09:36 तक
- मघास्वामी केतु10:32, 5 नव॰ तक
- शुक्ल13:58 तक
- ब्रह्मा13:09, 5 नव॰ तक
- तैतिल08:32 तक
- गर20:36 तक
- वणिज08:49, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:35बिंब मध्य 06:39
- सूर्यास्त
- 17:34बिंब मध्य 17:29
- चंद्रोदय
- 00:25
- चंद्रास्त
- 13:41
- दिनमान
- 10h 59m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क09:36 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2091
- शक संवत
- 1956
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:51 –05:43
- प्रातः संध्या05:17 –06:35
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:27
- विजय मुहूर्त13:54 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:34 –18:00
- सायाह्न संध्या17:34 –18:52
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 5 नव॰
- अमृत काल07:59 –09:36
- राहु काल09:20 –10:42
- यमगंड13:27 –14:49
- गुलिक काल06:35 –07:57
- दुर्मुहूर्त06:35 –07:19
- दुर्मुहूर्त07:19 –08:03
- वर्ज्य22:04 –23:44
- गंड मूल06:35 –09:36
- गंड मूल09:36 –06:36, 5 नव॰
चौघड़िया
- काल06:35 – 07:57
- शुभ07:57 – 09:20
- रोग09:20 – 10:42
- उद्वेग10:42 – 12:05
- चर12:05 – 13:27
- लाभ13:27 – 14:49
- अमृत14:49 – 16:12
- काल16:12 – 17:34
- लाभ17:34 – 19:12
- उद्वेग19:12 – 20:49
- शुभ20:49 – 22:27
- अमृत22:27 – 00:05
- चर00:05 – 01:43
- रोग01:43 – 03:20
- काल03:20 – 04:58
- लाभ04:58 – 06:36
होरा
- शनि06:35–07:30
- गुरु07:30–08:25
- मंगल08:25–09:20
- सूर्य09:20–10:15
- शुक्र10:15–11:10
- बुध11:10–12:05
- चन्द्र12:05–12:59
- शनि12:59–13:54
- गुरु13:54–14:49
- मंगल14:49–15:44
- सूर्य15:44–16:39
- शुक्र16:39–17:34
- बुध17:34–18:39
- चन्द्र18:39–19:44
- शनि19:44–20:49
- गुरु20:49–21:55
- मंगल21:55–23:00
- सूर्य23:00–00:05
- शुक्र00:05–01:10
- बुध01:10–02:15
- चन्द्र02:15–03:20
- शनि03:20–04:26
- गुरु04:26–05:31
- मंगल05:31–06:36
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 4 पद09:36 तक
- मघा 1 पद15:46 तक
- मघा 2 पद21:59 तक
- मघा 3 पद04:14, 5 नव॰ तक
- मघा 4 पद10:32, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 59m
- रात्रिमान
- 13h 2m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 09:36 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:36 तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 20:36 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:35 –07:38
- शुभ मुहूर्त07:38 –09:36
- राज पंचक09:36 –09:56
- शुभ मुहूर्त09:56 –12:00
- चोर पंचक12:00 –13:43
- शुभ मुहूर्त13:43 –15:10
- रोग पंचक15:10 –16:35
- चोर पंचक16:35 –18:10
- शुभ मुहूर्त18:10 –20:06
- रोग पंचक20:06 –20:36
- शुभ मुहूर्त20:36 –22:21
- मृत्यु पंचक22:21 –00:41, 5 नव॰
- अग्नि पंचक00:41 –02:58, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त02:58 –05:14, 5 नव॰
- राज पंचक05:14 –06:36, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:18 –07:38
- वृश्चिक07:38 –09:56
- धनु09:56 –12:00
- मकर12:00 –13:43
- कुम्भ13:43 –15:10
- मीन15:10 –16:35
- मेष16:35 –18:10
- वृषभ18:10 –20:06
- मिथुन20:06 –22:21
- कर्क22:21 –00:41, 5 नव॰
- सिंह00:41 –02:58, 5 नव॰
- कन्या02:58 –05:14, 5 नव॰
- तुला05:14 –07:34, 5 नव॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 नवंबर 2034
शनिवार, 4 नवंबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:35 और सूर्यास्त 17:34 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 20:36 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र अश्लेषा 09:36 तक, फिर मघा; योग शुक्ल 13:58 तक, फिर ब्रह्मा; करण तैतिल 08:32 तक, फिर गर। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 09:20–10:42, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2034 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 20:36 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:35, नई दिल्ली)।
4 नवंबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 09:36 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 09:36 तक।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2034 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:20–10:42, यमगण्ड 13:27–14:49, गुलिक काल 06:35–07:57।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:34, चंद्रोदय 00:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:51–05:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3438° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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