पंचांग · सोमवार, 30 अक्टूबर 2034नई दिल्ली

आश्विन · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2091करवा चौथसंकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:32सूर्योदय17:38सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 07:12 तक
नक्षत्र
रोहिणी
15:10 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3217:38
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:55 –09:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:32दिन17:38
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
भद्रा
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:38रात06:32
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    07:12 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    03:56, 31 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण पंचमी
    01:08, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    15:10 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    12:50, 31 अक्टू॰ तक
योग
  1. परिघ
    02:14, 31 अक्टू॰ तक
  2. शिव
    22:44, 31 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    07:12 तक
  2. बव
    17:31 तक
  3. बालव
    03:56, 31 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    14:28, 31 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:32
बिंब मध्य 06:35
सूर्यास्त
17:38
बिंब मध्य 17:33
चंद्रोदय
20:26
चंद्रास्त
09:19
दिनमान
11h 6m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
01:57, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:48 –05:40
  • प्रातः संध्या05:14 –06:32
  • अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
  • विजय मुहूर्त13:56 –14:40
  • गोधूलि मुहूर्त17:38 –18:04
  • सायाह्न संध्या17:38 –18:55
  • निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 31 अक्टू॰
  • अमृत काल12:20 –13:45
  • अमृत काल04:54 –06:20, 31 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:55 –09:18
  • यमगंड10:41 –12:05
  • गुलिक काल13:28 –14:51
  • दुर्मुहूर्त12:27 –13:11
  • दुर्मुहूर्त14:40 –15:25
  • वर्ज्य08:05 –09:30
  • वर्ज्य20:14 –21:40
  • भद्रा06:32 –07:12

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:32 – 07:55
  • काल07:55 – 09:18
  • शुभ09:18 – 10:41
  • रोग10:41 – 12:05
  • उद्वेग12:05 – 13:28
  • चर13:28 – 14:51
  • लाभ14:51 – 16:14
  • अमृत16:14 – 17:38
रात
  • चर17:38 – 19:15
  • रोग19:15 – 20:51
  • काल20:51 – 22:28
  • लाभ22:28 – 00:05
  • उद्वेग00:05 – 01:42
  • शुभ01:42 – 03:19
  • अमृत03:19 – 04:55
  • चर04:55 – 06:32

होरा

दिन
  • चन्द्र06:32–07:27
  • शनि07:27–08:23
  • गुरु08:23–09:18
  • मंगल09:18–10:14
  • सूर्य10:14–11:09
  • शुक्र11:09–12:05
  • बुध12:05–13:00
  • चन्द्र13:00–13:56
  • शनि13:56–14:51
  • गुरु14:51–15:47
  • मंगल15:47–16:42
  • सूर्य16:42–17:38
रात
  • शुक्र17:38–18:42
  • बुध18:42–19:47
  • चन्द्र19:47–20:51
  • शनि20:51–21:56
  • गुरु21:56–23:00
  • मंगल23:00–00:05
  • सूर्य00:05–01:10
  • शुक्र01:10–02:14
  • बुध02:14–03:19
  • चन्द्र03:19–04:23
  • शनि04:23–05:28
  • गुरु05:28–06:32

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 3 पद09:49 तक
  • रोहिणी 4 पद15:10 तक
  • मृगशिरा 1 पद20:33 तक
  • मृगशिरा 2 पद01:57, 31 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 3 पद07:22, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 6m
रात्रिमान
12h 54m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 01:57, 31 अक्टू॰ तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 15:10 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण · 01:57, 31 अक्टू॰ तकपश्चिम
अग्निवास
आकाश · 07:12 तकपाताल · 03:56, 31 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 07:12 तककैलाश पर · 03:56, 31 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:32 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –07:58
  • चोर पंचक07:58 –10:16
  • शुभ मुहूर्त10:16 –12:20
  • रोग पंचक12:20 –14:02
  • शुभ मुहूर्त14:02 –15:10
  • मृत्यु पंचक15:10 –15:30
  • अग्नि पंचक15:30 –16:55
  • शुभ मुहूर्त16:55 –18:30
  • मृत्यु पंचक18:30 –20:26
  • अग्नि पंचक20:26 –22:40
  • शुभ मुहूर्त22:40 –01:01, 31 अक्टू॰
  • राज पंचक01:01 –03:18, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:18 –03:56, 31 अक्टू॰
  • चोर पंचक03:56 –05:34, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:34 –06:32, 31 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:38 –07:58
  • वृश्चिक07:58 –10:16
  • धनु10:16 –12:20
  • मकर12:20 –14:02
  • कुम्भ14:02 –15:30
  • मीन15:30 –16:55
  • मेष16:55 –18:30
  • वृषभ18:30 –20:26
  • मिथुन20:26 –22:40
  • कर्क22:40 –01:01, 31 अक्टू॰
  • सिंह01:01 –03:18, 31 अक्टू॰
  • कन्या03:18 –05:34, 31 अक्टू॰
  • तुला05:34 –07:54, 31 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2034

सोमवार, 30 अक्टूबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 17:38 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 07:12 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 15:10 तक, फिर मृगशिरा; योग परिघ 31 अक्टूबर 02:14 तक, फिर शिव; करण विष्टि 07:12 तक, फिर बव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:55–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2034 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 07:12 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:32, नई दिल्ली)।

30 अक्टूबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 15:10 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 31 अक्टूबर 01:57 तक।

नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:55–09:18, यमगण्ड 10:41–12:05, गुलिक काल 13:28–14:51।

नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 17:38, चंद्रोदय 20:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अक्टूबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:48–05:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

30 अक्टूबर 2034 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3436° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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