पंचांग · बुधवार, 25 अक्टूबर 2034नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2091बुध प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:28सूर्योदय17:42सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 00:46, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
06:53 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2817:42
बुधवार · बुध
राहु काल
12:05 –13:29
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:28दिन17:42
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:42रात06:29
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    00:46, 26 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    21:41, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    06:53 तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    04:58, 26 अक्टू॰ तक
  3. रेवतीस्वामी बुध
    02:32, 27 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्याघात
    02:30, 26 अक्टू॰ तक
  2. हर्षण
    22:46, 26 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    14:07 तक
  2. तैतिल
    00:46, 26 अक्टू॰ तक
  3. गर
    11:17, 26 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:28
बिंब मध्य 06:32
सूर्यास्त
17:42
बिंब मध्य 17:38
चंद्रोदय
16:18
चंद्रास्त
03:48
दिनमान
11h 14m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मीन
02:32, 27 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:37
  • प्रातः संध्या05:12 –06:28
  • अभिजित मुहूर्त11:43 –12:28
  • विजय मुहूर्त13:57 –14:42
  • गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
  • सायाह्न संध्या17:42 –18:59
  • निशीथ मुहूर्त23:40 –00:31, 26 अक्टू॰
  • अमृत काल00:33 –02:01, 26 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:05 –13:29
  • यमगंड07:52 –09:17
  • गुलिक काल10:41 –12:05
  • दुर्मुहूर्त11:43 –12:28
  • वर्ज्य15:43 –17:11
  • गंड मूल04:58 –06:29, 26 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभ06:28 – 07:52
  • अमृत07:52 – 09:17
  • काल09:17 – 10:41
  • शुभ10:41 – 12:05
  • रोग12:05 – 13:29
  • उद्वेग13:29 – 14:54
  • चर14:54 – 16:18
  • लाभ16:18 – 17:42
रात
  • उद्वेग17:42 – 19:18
  • शुभ19:18 – 20:54
  • अमृत20:54 – 22:30
  • चर22:30 – 00:05
  • रोग00:05 – 01:41
  • काल01:41 – 03:17
  • लाभ03:17 – 04:53
  • उद्वेग04:53 – 06:29

होरा

दिन
  • बुध06:28–07:24
  • चन्द्र07:24–08:20
  • शनि08:20–09:17
  • गुरु09:17–10:13
  • मंगल10:13–11:09
  • सूर्य11:09–12:05
  • शुक्र12:05–13:01
  • बुध13:01–13:57
  • चन्द्र13:57–14:54
  • शनि14:54–15:50
  • गुरु15:50–16:46
  • मंगल16:46–17:42
रात
  • सूर्य17:42–18:46
  • शुक्र18:46–19:50
  • बुध19:50–20:54
  • चन्द्र20:54–21:58
  • शनि21:58–23:02
  • गुरु23:02–00:05
  • मंगल00:05–01:09
  • सूर्य01:09–02:13
  • शुक्र02:13–03:17
  • बुध03:17–04:21
  • चन्द्र04:21–05:25
  • शनि05:25–06:29

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद06:53 तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद12:28 तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद18:00 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद23:30 तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद04:58, 26 अक्टू॰ तक
  • रेवती 1 पद10:24, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 1 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 14m
रात्रिमान
12h 47m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 06:53 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · 04:58, 26 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 00:46, 26 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 00:46, 26 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:28 –06:53
  • शुभ मुहूर्त06:53 –08:17
  • चोर पंचक08:17 –10:36
  • शुभ मुहूर्त10:36 –12:40
  • रोग पंचक12:40 –14:22
  • शुभ मुहूर्त14:22 –15:49
  • मृत्यु पंचक15:49 –17:14
  • रोग पंचक17:14 –18:50
  • शुभ मुहूर्त18:50 –20:45
  • मृत्यु पंचक20:45 –23:00
  • अग्नि पंचक23:00 –00:46, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:46 –01:20, 26 अक्टू॰
  • राज पंचक01:20 –03:38, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:38 –04:58, 26 अक्टू॰
  • चोर पंचक04:58 –05:54, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:54 –06:29, 26 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:58 –08:17
  • वृश्चिक08:17 –10:36
  • धनु10:36 –12:40
  • मकर12:40 –14:22
  • कुम्भ14:22 –15:49
  • मीन15:49 –17:14
  • मेष17:14 –18:50
  • वृषभ18:50 –20:45
  • मिथुन20:45 –23:00
  • कर्क23:00 –01:20, 26 अक्टू॰
  • सिंह01:20 –03:38, 26 अक्टू॰
  • कन्या03:38 –05:54, 26 अक्टू॰
  • तुला05:54 –08:13, 26 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2034

बुधवार, 25 अक्टूबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:28 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 26 अक्टूबर 00:46 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 06:53 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग व्याघात 26 अक्टूबर 02:30 तक, फिर हर्षण; करण कौलव 14:07 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:05–13:29, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 25 अक्टूबर 2034 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 26 अक्टूबर 00:46 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:28, नई दिल्ली)।

25 अक्टूबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 06:53 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा मीन राशि में 27 अक्टूबर 02:32 तक।

नई दिल्ली में 25 अक्टूबर 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:05–13:29, यमगण्ड 07:52–09:17, गुलिक काल 10:41–12:05।

नई दिल्ली में 25 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 16:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

25 अक्टूबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:37। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

25 अक्टूबर 2034 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

बुध प्रदोष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3434° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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