पंचांग · गुरुवार, 5 अक्टूबर 2034नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
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पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी10:47 तक
- कृष्ण नवमी09:37, 6 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु03:44, 6 अक्टू॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि03:39, 7 अक्टू॰ तक
- परिघ13:55 तक
- शिव11:55, 6 अक्टू॰ तक
- कौलव10:47 तक
- तैतिल22:08 तक
- गर09:37, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:03बिंब मध्य 17:58
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 13:25
- दिनमान
- 11h 47m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मिथुन21:50 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2091
- शक संवत
- 1956
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
- प्रातः संध्या05:03 –06:16
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
- विजय मुहूर्त14:07 –14:54
- गोधूलि मुहूर्त18:03 –18:27
- सायाह्न संध्या18:03 –19:16
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 6 अक्टू॰
- अमृत काल01:24 –02:57, 6 अक्टू॰
- राहु काल13:38 –15:06
- यमगंड06:16 –07:44
- गुलिक काल09:13 –10:41
- दुर्मुहूर्त10:12 –10:59
- दुर्मुहूर्त14:54 –15:41
- वर्ज्य16:02 –17:36
चौघड़िया
- शुभ06:16 – 07:44
- रोग07:44 – 09:13
- उद्वेग09:13 – 10:41
- चर10:41 – 12:09
- लाभ12:09 – 13:38
- अमृत13:38 – 15:06
- काल15:06 – 16:34
- शुभ16:34 – 18:03
- अमृत18:03 – 19:34
- चर19:34 – 21:06
- रोग21:06 – 22:38
- काल22:38 – 00:10
- लाभ00:10 – 01:41
- उद्वेग01:41 – 03:13
- शुभ03:13 – 04:45
- अमृत04:45 – 06:17
होरा
- गुरु06:16–07:15
- मंगल07:15–08:14
- सूर्य08:14–09:13
- शुक्र09:13–10:12
- बुध10:12–11:11
- चन्द्र11:11–12:09
- शनि12:09–13:08
- गुरु13:08–14:07
- मंगल14:07–15:06
- सूर्य15:06–16:05
- शुक्र16:05–17:04
- बुध17:04–18:03
- चन्द्र18:03–19:04
- शनि19:04–20:05
- गुरु20:05–21:06
- मंगल21:06–22:07
- सूर्य22:07–23:09
- शुक्र23:09–00:10
- बुध00:10–01:11
- चन्द्र01:11–02:12
- शनि02:12–03:13
- गुरु03:13–04:14
- मंगल04:14–05:15
- सूर्य05:15–06:17
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 1 पद10:08 तक
- पुनर्वसु 2 पद15:58 तक
- पुनर्वसु 3 पद21:50 तक
- पुनर्वसु 4 पद03:44, 6 अक्टू॰ तक
- पुष्य 1 पद09:40, 6 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 47m
- रात्रिमान
- 12h 14m
- मध्याह्न
- 12:09
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पश्चिम · 21:50 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 10:47 तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 10:47 तकसभा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:16 –07:16
- चोर पंचक07:16 –09:36
- शुभ मुहूर्त09:36 –10:47
- रोग पंचक10:47 –11:54
- शुभ मुहूर्त11:54 –13:58
- मृत्यु पंचक13:58 –15:40
- अग्नि पंचक15:40 –17:08
- शुभ मुहूर्त17:08 –18:33
- मृत्यु पंचक18:33 –20:08
- अग्नि पंचक20:08 –22:04
- शुभ मुहूर्त22:04 –00:19, 6 अक्टू॰
- राज पंचक00:19 –02:39, 6 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:39 –03:44, 6 अक्टू॰
- चोर पंचक03:44 –04:56, 6 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:56 –06:17, 6 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:00 –07:16
- तुला07:16 –09:36
- वृश्चिक09:36 –11:54
- धनु11:54 –13:58
- मकर13:58 –15:40
- कुम्भ15:40 –17:08
- मीन17:08 –18:33
- मेष18:33 –20:08
- वृषभ20:08 –22:04
- मिथुन22:04 –00:19, 6 अक्टू॰
- कर्क00:19 –02:39, 6 अक्टू॰
- सिंह02:39 –04:56, 6 अक्टू॰
- कन्या04:56 –07:12, 6 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2034
गुरुवार, 5 अक्टूबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:03 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 10:47 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 6 अक्टूबर 03:44 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 13:55 तक, फिर शिव; करण कौलव 10:47 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:38–15:06, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 5 अक्टूबर 2034 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 10:47 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:16, नई दिल्ली)।
5 अक्टूबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 6 अक्टूबर 03:44 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 21:50 तक।
नई दिल्ली में 5 अक्टूबर 2034 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:38–15:06, यमगण्ड 06:16–07:44, गुलिक काल 09:13–10:41।
नई दिल्ली में 5 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
5 अक्टूबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3427° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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