पंचांग · रविवार, 1 अक्टूबर 2034नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्थी20:08 तक
- कृष्ण पंचमी17:14, 2 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र11:12 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य08:58, 2 अक्टू॰ तक
- वज्र01:47, 2 अक्टू॰ तक
- सिद्धि22:20, 2 अक्टू॰ तक
- बव09:40 तक
- बालव20:08 तक
- कौलव06:39, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:14बिंब मध्य 06:17
- सूर्यास्त
- 18:07बिंब मध्य 18:03
- चंद्रोदय
- 20:49
- चंद्रास्त
- 09:25
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मेष16:37 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2091
- शक संवत
- 1956
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:26
- प्रातः संध्या05:01 –06:14
- अभिजित मुहूर्त11:47 –12:34
- विजय मुहूर्त14:10 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:32
- सायाह्न संध्या18:07 –19:20
- निशीथ मुहूर्त23:47 –00:35, 2 अक्टू॰
- अमृत काल06:52 –08:19
- राहु काल16:38 –18:07
- यमगंड12:11 –13:40
- गुलिक काल15:09 –16:38
- दुर्मुहूर्त16:32 –17:20
- वर्ज्य22:05 –23:32
चौघड़िया
- उद्वेग06:14 – 07:43
- चर07:43 – 09:12
- लाभ09:12 – 10:41
- अमृत10:41 – 12:11
- काल12:11 – 13:40
- शुभ13:40 – 15:09
- रोग15:09 – 16:38
- उद्वेग16:38 – 18:07
- शुभ18:07 – 19:38
- अमृत19:38 – 21:09
- चर21:09 – 22:40
- रोग22:40 – 00:11
- काल00:11 – 01:42
- लाभ01:42 – 03:13
- उद्वेग03:13 – 04:44
- शुभ04:44 – 06:15
होरा
- सूर्य06:14–07:13
- शुक्र07:13–08:13
- बुध08:13–09:12
- चन्द्र09:12–10:12
- शनि10:12–11:11
- गुरु11:11–12:11
- मंगल12:11–13:10
- सूर्य13:10–14:10
- शुक्र14:10–15:09
- बुध15:09–16:08
- चन्द्र16:08–17:08
- शनि17:08–18:07
- गुरु18:07–19:08
- मंगल19:08–20:09
- सूर्य20:09–21:09
- शुक्र21:09–22:10
- बुध22:10–23:10
- चन्द्र23:10–00:11
- शनि00:11–01:12
- गुरु01:12–02:12
- मंगल02:12–03:13
- सूर्य03:13–04:13
- शुक्र04:13–05:14
- बुध05:14–06:15
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 4 पद11:12 तक
- कृत्तिका 1 पद16:37 तक
- कृत्तिका 2 पद22:03 तक
- कृत्तिका 3 पद03:30, 2 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 4 पद08:58, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पूर्व · 16:37 तकदक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 20:08 तकपाताल
- शिववास
- कैलाश पर · 20:08 तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक06:14 –07:32
- अग्नि पंचक07:32 –09:52
- शुभ मुहूर्त09:52 –11:12
- राज पंचक11:12 –12:10
- शुभ मुहूर्त12:10 –14:14
- चोर पंचक14:14 –15:56
- शुभ मुहूर्त15:56 –17:24
- रोग पंचक17:24 –18:49
- चोर पंचक18:49 –20:08
- शुभ मुहूर्त20:08 –20:24
- रोग पंचक20:24 –22:20
- शुभ मुहूर्त22:20 –00:34, 2 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक00:34 –02:55, 2 अक्टू॰
- अग्नि पंचक02:55 –05:12, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:12 –06:15, 2 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:16 –07:32
- तुला07:32 –09:52
- वृश्चिक09:52 –12:10
- धनु12:10 –14:14
- मकर14:14 –15:56
- कुम्भ15:56 –17:24
- मीन17:24 –18:49
- मेष18:49 –20:24
- वृषभ20:24 –22:20
- मिथुन22:20 –00:34, 2 अक्टू॰
- कर्क00:34 –02:55, 2 अक्टू॰
- सिंह02:55 –05:12, 2 अक्टू॰
- कन्या05:12 –07:28, 2 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2034
रविवार, 1 अक्टूबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 20:08 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र भरणी 11:12 तक, फिर कृत्तिका; योग वज्र 2 अक्टूबर 01:47 तक, फिर सिद्धि; करण बव 09:40 तक, फिर बालव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:38–18:07, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2034 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्थी 20:08 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:14, नई दिल्ली)।
1 अक्टूबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 11:12 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 16:37 तक।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2034 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:38–18:07, यमगण्ड 12:11–13:40, गुलिक काल 15:09–16:38।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 20:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अक्टूबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 अक्टूबर 2034 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3425° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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