पंचांग · गुरुवार, 31 मार्च 2033नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2090चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना)गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:12सूर्योदय18:39सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
शुक्ल · 19:44 तक
नक्षत्र
रेवती
21:34 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1218:39
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:59 –15:32
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:12दिन18:39
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:39रात06:11
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल प्रतिपदा
    19:44 तक
  2. शुक्ल द्वितीया
    16:24, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    21:34 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    19:02, 1 अप्रैल तक
योग
  1. इन्द्र
    21:09 तक
  2. वैधृति
    17:17, 1 अप्रैल तक
करण
  1. किंस्तुघ्न
    09:31 तक
  2. बव
    19:44 तक
  3. बालव
    06:02, 1 अप्रैल तक
  4. कौलव
    16:24, 1 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:12
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
18:39
बिंब मध्य 18:34
चंद्रोदय
06:26
चंद्रास्त
19:28
दिनमान
12h 27m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
21:34 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2090
शक संवत
1955

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:26
  • प्रातः संध्या05:03 –06:12
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:02
  • सायाह्न संध्या18:39 –19:48
  • निशीथ मुहूर्त00:02 –00:48, 1 अप्रैल
  • अमृत काल19:27 –20:51
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:59 –15:32
  • यमगंड06:12 –07:46
  • गुलिक काल09:19 –10:52
  • दुर्मुहूर्त10:21 –11:11
  • दुर्मुहूर्त15:20 –16:09
  • वर्ज्य10:58 –12:23
  • गंड मूल06:12 –21:34
  • गंड मूल21:34 –06:11, 1 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:12 – 07:46
  • रोग07:46 – 09:19
  • उद्वेग09:19 – 10:52
  • चर10:52 – 12:26
  • लाभ12:26 – 13:59
  • अमृत13:59 – 15:32
  • काल15:32 – 17:05
  • शुभ17:05 – 18:39
रात
  • अमृत18:39 – 20:05
  • चर20:05 – 21:32
  • रोग21:32 – 22:58
  • काल22:58 – 00:25
  • लाभ00:25 – 01:52
  • उद्वेग01:52 – 03:18
  • शुभ03:18 – 04:45
  • अमृत04:45 – 06:11

होरा

दिन
  • गुरु06:12–07:15
  • मंगल07:15–08:17
  • सूर्य08:17–09:19
  • शुक्र09:19–10:21
  • बुध10:21–11:23
  • चन्द्र11:23–12:26
  • शनि12:26–13:28
  • गुरु13:28–14:30
  • मंगल14:30–15:32
  • सूर्य15:32–16:34
  • शुक्र16:34–17:36
  • बुध17:36–18:39
रात
  • चन्द्र18:39–19:36
  • शनि19:36–20:34
  • गुरु20:34–21:32
  • मंगल21:32–22:30
  • सूर्य22:30–23:27
  • शुक्र23:27–00:25
  • बुध00:25–01:23
  • चन्द्र01:23–02:20
  • शनि02:20–03:18
  • गुरु03:18–04:16
  • मंगल04:16–05:13
  • सूर्य05:13–06:11

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 2 पद10:56 तक
  • रेवती 3 पद16:15 तक
  • रेवती 4 पद21:34 तक
  • अश्विनी 1 पद02:54, 1 अप्रैल तक
  • अश्विनी 2 पद08:15, 1 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 27m
रात्रिमान
11h 32m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 21:34 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 21:34 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 21:34 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:44 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 19:44 तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:12 –08:30
  • रोग पंचक08:30 –10:26
  • शुभ मुहूर्त10:26 –12:41
  • मृत्यु पंचक12:41 –15:01
  • अग्नि पंचक15:01 –17:18
  • शुभ मुहूर्त17:18 –19:35
  • राज पंचक19:35 –19:44
  • शुभ मुहूर्त19:44 –21:34
  • चोर पंचक21:34 –21:54
  • शुभ मुहूर्त21:54 –00:13, 1 अप्रैल
  • रोग पंचक00:13 –02:16, 1 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:16 –03:59, 1 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:59 –05:26, 1 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:26 –06:11, 1 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:30 –06:55
  • मेष06:55 –08:30
  • वृषभ08:30 –10:26
  • मिथुन10:26 –12:41
  • कर्क12:41 –15:01
  • सिंह15:01 –17:18
  • कन्या17:18 –19:35
  • तुला19:35 –21:54
  • वृश्चिक21:54 –00:13, 1 अप्रैल
  • धनु00:13 –02:16, 1 अप्रैल
  • मकर02:16 –03:59, 1 अप्रैल
  • कुम्भ03:59 –05:26, 1 अप्रैल
  • मीन05:26 –06:51, 1 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 31 मार्च 2033

गुरुवार, 31 मार्च 2033 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:12 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 19:44 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र रेवती 21:34 तक, फिर अश्विनी; योग इन्द्र 21:09 तक, फिर वैधृति; करण किंस्तुघ्न 09:31 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:59–15:32, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2090, शक संवत 1955।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 31 मार्च 2033 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल प्रतिपदा 19:44 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 06:12, नई दिल्ली)।

31 मार्च 2033 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 21:34 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 21:34 तक।

नई दिल्ली में 31 मार्च 2033 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:59–15:32, यमगण्ड 06:12–07:46, गुलिक काल 09:19–10:52।

नई दिल्ली में 31 मार्च 2033 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 06:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 मार्च 2033 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

31 मार्च 2033 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना), गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मार्च 2033आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2033मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3215° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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