पंचांग · शनिवार, 3 अप्रैल 2032नई दिल्ली

फाल्गुन · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2088शीतला अष्टमी (बसोड़ा)

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:09सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 02:39, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
03:10, 4 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0918:40
शनिवार · शनि
राहु काल
09:17 –10:51
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:09दिन18:40
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात06:07
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    02:39, 4 अप्रैल तक
  2. कृष्ण नवमी
    00:22, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    03:10, 4 अप्रैल तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    01:37, 5 अप्रैल तक
योग
  1. परिघ
    21:17 तक
  2. शिव
    18:21, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    15:40 तक
  2. कौलव
    02:39, 4 अप्रैल तक
  3. तैतिल
    13:33, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:09
बिंब मध्य 06:12
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
00:41
चंद्रास्त
11:40
दिनमान
12h 31m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
धनु
08:49, 4 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
  • प्रातः संध्या05:00 –06:09
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 4 अप्रैल
  • अमृत काल22:37 –00:08, 4 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:17 –10:51
  • यमगंड13:59 –15:33
  • गुलिक काल06:09 –07:43
  • दुर्मुहूर्त06:09 –06:59
  • दुर्मुहूर्त06:59 –07:49
  • वर्ज्य13:30 –15:01

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल06:09 – 07:43
  • शुभ07:43 – 09:17
  • रोग09:17 – 10:51
  • उद्वेग10:51 – 12:25
  • चर12:25 – 13:59
  • लाभ13:59 – 15:33
  • अमृत15:33 – 17:07
  • काल17:07 – 18:40
रात
  • लाभ18:40 – 20:06
  • उद्वेग20:06 – 21:32
  • शुभ21:32 – 22:58
  • अमृत22:58 – 00:24
  • चर00:24 – 01:50
  • रोग01:50 – 03:16
  • काल03:16 – 04:42
  • लाभ04:42 – 06:07

होरा

दिन
  • शनि06:09–07:11
  • गुरु07:11–08:14
  • मंगल08:14–09:17
  • सूर्य09:17–10:19
  • शुक्र10:19–11:22
  • बुध11:22–12:25
  • चन्द्र12:25–13:27
  • शनि13:27–14:30
  • गुरु14:30–15:33
  • मंगल15:33–16:35
  • सूर्य16:35–17:38
  • शुक्र17:38–18:40
रात
  • बुध18:40–19:38
  • चन्द्र19:38–20:35
  • शनि20:35–21:32
  • गुरु21:32–22:29
  • मंगल22:29–23:27
  • सूर्य23:27–00:24
  • शुक्र00:24–01:21
  • बुध01:21–02:18
  • चन्द्र02:18–03:16
  • शनि03:16–04:13
  • गुरु04:13–05:10
  • मंगल05:10–06:07

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद10:07 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद15:49 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद21:31 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद03:10, 4 अप्रैल तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद08:49, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 31m
रात्रिमान
11h 27m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 03:10, 4 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:39, 4 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 02:39, 4 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:09 –06:42
  • चोर पंचक06:42 –08:18
  • शुभ मुहूर्त08:18 –10:13
  • रोग पंचक10:13 –12:28
  • शुभ मुहूर्त12:28 –14:48
  • मृत्यु पंचक14:48 –17:05
  • अग्नि पंचक17:05 –19:22
  • शुभ मुहूर्त19:22 –21:41
  • राज पंचक21:41 –00:00, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:00 –02:04, 4 अप्रैल
  • चोर पंचक02:04 –02:39, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:39 –03:10, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक03:10 –03:46, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:46 –05:13, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:13 –06:07, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:17 –06:42
  • मेष06:42 –08:18
  • वृषभ08:18 –10:13
  • मिथुन10:13 –12:28
  • कर्क12:28 –14:48
  • सिंह14:48 –17:05
  • कन्या17:05 –19:22
  • तुला19:22 –21:41
  • वृश्चिक21:41 –00:00, 4 अप्रैल
  • धनु00:00 –02:04, 4 अप्रैल
  • मकर02:04 –03:46, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:46 –05:13, 4 अप्रैल
  • मीन05:13 –06:38, 4 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2032

शनिवार, 3 अप्रैल 2032 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 4 अप्रैल 02:39 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 4 अप्रैल 03:10 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग परिघ 21:17 तक, फिर शिव; करण बालव 15:40 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 09:17–10:51, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 4 अप्रैल 02:39 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:09, नई दिल्ली)।

3 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 4 अप्रैल 03:10 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 4 अप्रैल 08:49 तक।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:17–10:51, यमगण्ड 13:59–15:33, गुलिक काल 06:09–07:43।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 00:41 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शीतला अष्टमी (बसोड़ा)।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3077° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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