पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:51सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 22:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5118:50
शनिवार · शनि
राहु काल
09:06 –10:43
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:51दिन18:50
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात05:50
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    22:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:03, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:40 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:07, 21 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:56, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:02 तक
  2. वरीयान्
    15:19, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    11:51 तक
  2. विष्टि
    22:10 तक
  3. बव
    08:34, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:51
बिंब मध्य 05:54
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:45
चंद्रोदय
21:35
चंद्रास्त
07:17
दिनमान
12h 59m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:56, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:07
  • प्रातः संध्या04:45 –05:51
  • अभिजित मुहूर्त11:54 –12:46
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:12
  • सायाह्न संध्या18:50 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:42, 21 अप्रैल
  • अमृत काल19:49 –21:15
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:06 –10:43
  • यमगंड13:58 –15:35
  • गुलिक काल05:51 –07:28
  • दुर्मुहूर्त05:51 –06:43
  • दुर्मुहूर्त06:43 –07:35
  • वर्ज्य11:14 –12:40
  • गंड मूल05:07 –05:50, 21 अप्रैल
  • भद्रा11:51 –22:10

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल05:51 – 07:28
  • शुभ07:28 – 09:06
  • रोग09:06 – 10:43
  • उद्वेग10:43 – 12:20
  • चर12:20 – 13:58
  • लाभ13:58 – 15:35
  • अमृत15:35 – 17:12
  • काल17:12 – 18:50
रात
  • लाभ18:50 – 20:12
  • उद्वेग20:12 – 21:35
  • शुभ21:35 – 22:57
  • अमृत22:57 – 00:20
  • चर00:20 – 01:42
  • रोग01:42 – 03:05
  • काल03:05 – 04:27
  • लाभ04:27 – 05:50

होरा

दिन
  • शनि05:51–06:56
  • गुरु06:56–08:01
  • मंगल08:01–09:06
  • सूर्य09:06–10:10
  • शुक्र10:10–11:15
  • बुध11:15–12:20
  • चन्द्र12:20–13:25
  • शनि13:25–14:30
  • गुरु14:30–15:35
  • मंगल15:35–16:40
  • सूर्य16:40–17:45
  • शुक्र17:45–18:50
रात
  • बुध18:50–19:45
  • चन्द्र19:45–20:40
  • शनि20:40–21:35
  • गुरु21:35–22:30
  • मंगल22:30–23:25
  • सूर्य23:25–00:20
  • शुक्र00:20–01:15
  • बुध01:15–02:10
  • चन्द्र02:10–03:05
  • शनि03:05–04:00
  • गुरु04:00–04:55
  • मंगल04:55–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:40 तक
  • अनुराधा 1 पद13:00 तक
  • अनुराधा 2 पद18:21 तक
  • अनुराधा 3 पद23:43 तक
  • अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 59m
रात्रिमान
11h 0m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:40 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:07, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:51 –07:13
  • शुभ मुहूर्त07:13 –07:40
  • रोग पंचक07:40 –09:08
  • शुभ मुहूर्त09:08 –11:23
  • मृत्यु पंचक11:23 –13:43
  • अग्नि पंचक13:43 –16:00
  • शुभ मुहूर्त16:00 –18:17
  • राज पंचक18:17 –20:36
  • शुभ मुहूर्त20:36 –22:10
  • चोर पंचक22:10 –22:55
  • शुभ मुहूर्त22:55 –00:59, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक00:59 –02:41, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:41 –04:08, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:08 –05:07, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:07 –05:33, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:33 –05:50, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:37 –07:13
  • वृषभ07:13 –09:08
  • मिथुन09:08 –11:23
  • कर्क11:23 –13:43
  • सिंह13:43 –16:00
  • कन्या16:00 –18:17
  • तुला18:17 –20:36
  • वृश्चिक20:36 –22:55
  • धनु22:55 –00:59, 21 अप्रैल
  • मकर00:59 –02:41, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:41 –04:08, 21 अप्रैल
  • मीन04:08 –05:33, 21 अप्रैल
  • मेष05:33 –07:09, 21 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:06–10:43, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:51, नई दिल्ली)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।

नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:06–10:43, यमगण्ड 13:58–15:35, गुलिक काल 05:51–07:28।

नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 21:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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