पंचांग · शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026नई दिल्ली

चैत्र · अमावस्या · विक्रम संवत 2083अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:54सूर्योदय18:48सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 17:21 तक
नक्षत्र
रेवती
12:02 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5418:48
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:44 –12:21
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:54दिन18:48
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:48रात05:53
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    17:21 तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    14:11, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    12:02 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    09:42, 18 अप्रैल तक
योग
  1. वैधृति
    07:21 तक
  2. विष्कुम्भ
    03:45, 18 अप्रैल तक
  3. प्रीति
    23:55, 18 अप्रैल तक
करण
  1. चतुष्पाद
    06:50 तक
  2. नाग
    17:21 तक
  3. किंस्तुघ्न
    03:48, 18 अप्रैल तक
  4. बव
    14:11, 18 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:54
बिंब मध्य 05:57
सूर्यास्त
18:48
बिंब मध्य 18:44
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
18:50
दिनमान
12h 54m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मीन
12:02 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:09
  • प्रातः संध्या04:47 –05:54
  • अभिजित मुहूर्त11:55 –12:47
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:48 –19:10
  • सायाह्न संध्या18:48 –19:55
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:43, 18 अप्रैल
  • अमृत काल09:49 –11:18
  • अमृत काल03:12 –04:39, 18 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:44 –12:21
  • यमगंड15:35 –17:11
  • गुलिक काल07:31 –09:07
  • दुर्मुहूर्त08:29 –09:20
  • दुर्मुहूर्त12:47 –13:38
  • गंड मूल05:54 –12:02
  • गंड मूल12:02 –05:53, 18 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर05:54 – 07:31
  • लाभ07:31 – 09:07
  • अमृत09:07 – 10:44
  • काल10:44 – 12:21
  • शुभ12:21 – 13:58
  • रोग13:58 – 15:35
  • उद्वेग15:35 – 17:11
  • चर17:11 – 18:48
रात
  • रोग18:48 – 20:11
  • काल20:11 – 21:34
  • लाभ21:34 – 22:57
  • उद्वेग22:57 – 00:20
  • शुभ00:20 – 01:44
  • अमृत01:44 – 03:07
  • चर03:07 – 04:30
  • रोग04:30 – 05:53

होरा

दिन
  • शुक्र05:54–06:58
  • बुध06:58–08:03
  • चन्द्र08:03–09:07
  • शनि09:07–10:12
  • गुरु10:12–11:16
  • मंगल11:16–12:21
  • सूर्य12:21–13:25
  • शुक्र13:25–14:30
  • बुध14:30–15:35
  • चन्द्र15:35–16:39
  • शनि16:39–17:44
  • गुरु17:44–18:48
रात
  • मंगल18:48–19:43
  • सूर्य19:43–20:39
  • शुक्र20:39–21:34
  • बुध21:34–22:30
  • चन्द्र22:30–23:25
  • शनि23:25–00:20
  • गुरु00:20–01:16
  • मंगल01:16–02:11
  • सूर्य02:11–03:07
  • शुक्र03:07–04:02
  • बुध04:02–04:57
  • चन्द्र04:57–05:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 3 पद06:34 तक
  • रेवती 4 पद12:02 तक
  • अश्विनी 1 पद17:29 तक
  • अश्विनी 2 पद22:54 तक
  • अश्विनी 3 पद04:19, 18 अप्रैल तक
  • अश्विनी 4 पद09:42, 18 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 54m
रात्रिमान
11h 5m
मध्याह्न
12:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 12:02 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 12:02 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 12:02 तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 17:21 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 17:21 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:54 –07:24
  • अग्नि पंचक07:24 –09:20
  • शुभ मुहूर्त09:20 –11:35
  • राज पंचक11:35 –12:02
  • शुभ मुहूर्त12:02 –13:55
  • चोर पंचक13:55 –16:12
  • शुभ मुहूर्त16:12 –18:28
  • चोर पंचक18:28 –20:48
  • शुभ मुहूर्त20:48 –23:06
  • रोग पंचक23:06 –01:10, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:10 –02:53, 18 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:53 –04:20, 18 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:20 –05:45, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:45 –05:53, 18 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:49 –07:24
  • वृषभ07:24 –09:20
  • मिथुन09:20 –11:35
  • कर्क11:35 –13:55
  • सिंह13:55 –16:12
  • कन्या16:12 –18:28
  • तुला18:28 –20:48
  • वृश्चिक20:48 –23:06
  • धनु23:06 –01:10, 18 अप्रैल
  • मकर01:10 –02:53, 18 अप्रैल
  • कुम्भ02:53 –04:20, 18 अप्रैल
  • मीन04:20 –05:45, 18 अप्रैल
  • मेष05:45 –07:20, 18 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 18:48 पर है। तिथि अमावस्या 17:21 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र रेवती 12:02 तक, फिर अश्विनी; योग वैधृति 07:21 तक, फिर विष्कुम्भ; करण चतुष्पाद 06:50 तक, फिर नाग। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:44–12:21, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 17 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 17:21 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 05:54, नई दिल्ली)।

17 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 12:02 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 12:02 तक।

नई दिल्ली में 17 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:44–12:21, यमगण्ड 15:35–17:11, गुलिक काल 07:31–09:07।

नई दिल्ली में 17 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:48, चंद्रोदय 05:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अप्रैल 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अमावस्या।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2244° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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