पंचांग · शुक्रवार, 3 अप्रैल 2009नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2066राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:09सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 07:02 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
20:28 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0918:40
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:51 –12:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:09दिन18:40
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात06:08
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    07:02 तक
  2. शुक्ल नवमी
    05:02, 4 अप्रैल तक
  3. शुक्ल दशमी
    03:08, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    20:28 तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    19:15, 4 अप्रैल तक
योग
  1. अतिगण्ड
    15:08 तक
  2. सुकर्मा
    12:25, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    07:02 तक
  2. बालव
    18:01 तक
  3. कौलव
    05:02, 4 अप्रैल तक
  4. तैतिल
    16:04, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:09
बिंब मध्य 06:12
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
12:20
चंद्रास्त
01:43
दिनमान
12h 31m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
14:46 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2066
शक संवत
1931

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
  • प्रातः संध्या05:00 –06:09
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 4 अप्रैल
  • अमृत काल18:11 –19:42
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:51 –12:25
  • यमगंड15:32 –17:06
  • गुलिक काल07:43 –09:17
  • दुर्मुहूर्त08:39 –09:29
  • दुर्मुहूर्त12:50 –13:40
  • वर्ज्य09:06 –10:37
  • वर्ज्य04:03 –05:34, 4 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:09 – 07:43
  • लाभ07:43 – 09:17
  • अमृत09:17 – 10:51
  • काल10:51 – 12:25
  • शुभ12:25 – 13:59
  • रोग13:59 – 15:32
  • उद्वेग15:32 – 17:06
  • चर17:06 – 18:40
रात
  • रोग18:40 – 20:06
  • काल20:06 – 21:32
  • लाभ21:32 – 22:58
  • उद्वेग22:58 – 00:24
  • शुभ00:24 – 01:50
  • अमृत01:50 – 03:16
  • चर03:16 – 04:42
  • रोग04:42 – 06:08

होरा

दिन
  • शुक्र06:09–07:12
  • बुध07:12–08:14
  • चन्द्र08:14–09:17
  • शनि09:17–10:20
  • गुरु10:20–11:22
  • मंगल11:22–12:25
  • सूर्य12:25–13:27
  • शुक्र13:27–14:30
  • बुध14:30–15:32
  • चन्द्र15:32–16:35
  • शनि16:35–17:38
  • गुरु17:38–18:40
रात
  • मंगल18:40–19:38
  • सूर्य19:38–20:35
  • शुक्र20:35–21:32
  • बुध21:32–22:30
  • चन्द्र22:30–23:27
  • शनि23:27–00:24
  • गुरु00:24–01:21
  • मंगल01:21–02:19
  • सूर्य02:19–03:16
  • शुक्र03:16–04:13
  • बुध04:13–05:11
  • चन्द्र05:11–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 2 पद09:06 तक
  • पुनर्वसु 3 पद14:46 तक
  • पुनर्वसु 4 पद20:28 तक
  • पुष्य 1 पद02:09, 4 अप्रैल तक
  • पुष्य 2 पद07:51, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 31m
रात्रिमान
11h 28m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 14:46 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 20:28 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 14:46 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:02 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:02, 4 अप्रैल तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 07:02 तकगौरी के साथ · 05:02, 4 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:09 –06:43
  • राज पंचक06:43 –07:02
  • शुभ मुहूर्त07:02 –08:18
  • चोर पंचक08:18 –10:14
  • शुभ मुहूर्त10:14 –12:28
  • रोग पंचक12:28 –14:48
  • शुभ मुहूर्त14:48 –17:06
  • मृत्यु पंचक17:06 –19:22
  • अग्नि पंचक19:22 –20:28
  • शुभ मुहूर्त20:28 –21:41
  • राज पंचक21:41 –00:00, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:00 –02:04, 4 अप्रैल
  • चोर पंचक02:04 –03:47, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:47 –05:02, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक05:02 –05:14, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:14 –06:08, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:18 –06:43
  • मेष06:43 –08:18
  • वृषभ08:18 –10:14
  • मिथुन10:14 –12:28
  • कर्क12:28 –14:48
  • सिंह14:48 –17:06
  • कन्या17:06 –19:22
  • तुला19:22 –21:41
  • वृश्चिक21:41 –00:00, 4 अप्रैल
  • धनु00:00 –02:04, 4 अप्रैल
  • मकर02:04 –03:47, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:47 –05:14, 4 अप्रैल
  • मीन05:14 –06:39, 4 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2009

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2009 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 07:02 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 20:28 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 15:08 तक, फिर सुकर्मा; करण बव 07:02 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:51–12:25, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2066, शक संवत 1931।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2009 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 07:02 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:09, नई दिल्ली)।

3 अप्रैल 2009 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 20:28 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 14:46 तक।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2009 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:51–12:25, यमगण्ड 15:32–17:06, गुलिक काल 07:43–09:17।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2009 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 12:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2009 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2009 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2009आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2009मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9863° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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