पंचांग · शुक्रवार, 20 नवंबर 2026नासिक

कार्तिक · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2083देवउठनी एकादशीप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:46सूर्योदय17:54सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 07:16 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
06:56 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4617:54
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:57 –12:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:46दिन17:54
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:54रात06:47
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    07:16 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    06:31, 21 नव॰ तक
  3. शुक्ल द्वादशी
    04:57, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    06:56 तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    06:50, 21 नव॰ तक
योग
  1. वज्र
    04:55, 21 नव॰ तक
  2. सिद्धि
    02:30, 22 नव॰ तक
करण
  1. गर
    07:16 तक
  2. वणिज
    19:00 तक
  3. विष्टि
    06:31, 21 नव॰ तक
  4. बव
    17:50, 21 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:46
बिंब मध्य 06:50
सूर्यास्त
17:54
बिंब मध्य 17:50
चंद्रोदय
14:34
चंद्रास्त
02:17
दिनमान
11h 8m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मीन
05:54, 22 नव॰ तक
सूर्य राशि
वृश्चिक

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:03 –05:55
  • प्रातः संध्या05:29 –06:46
  • अभिजित मुहूर्त11:58 –12:43
  • विजय मुहूर्त14:12 –14:56
  • गोधूलि मुहूर्त17:54 –18:20
  • सायाह्न संध्या17:54 –19:12
  • निशीथ मुहूर्त23:55 –00:46, 21 नव॰
  • अमृत काल02:03 –03:39, 21 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:57 –12:20
  • यमगंड15:07 –16:31
  • गुलिक काल08:10 –09:33
  • दुर्मुहूर्त09:00 –09:44
  • दुर्मुहूर्त12:43 –13:27
  • वर्ज्य16:30 –18:05
  • भद्रा19:00 –06:31, 21 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:46 – 08:10
  • लाभ08:10 – 09:33
  • अमृत09:33 – 10:57
  • काल10:57 – 12:20
  • शुभ12:20 – 13:44
  • रोग13:44 – 15:07
  • उद्वेग15:07 – 16:31
  • चर16:31 – 17:54
रात
  • रोग17:54 – 19:31
  • काल19:31 – 21:07
  • लाभ21:07 – 22:44
  • उद्वेग22:44 – 00:21
  • शुभ00:21 – 01:57
  • अमृत01:57 – 03:34
  • चर03:34 – 05:10
  • रोग05:10 – 06:47

होरा

दिन
  • शुक्र06:46–07:42
  • बुध07:42–08:38
  • चन्द्र08:38–09:33
  • शनि09:33–10:29
  • गुरु10:29–11:25
  • मंगल11:25–12:20
  • सूर्य12:20–13:16
  • शुक्र13:16–14:12
  • बुध14:12–15:07
  • चन्द्र15:07–16:03
  • शनि16:03–16:59
  • गुरु16:59–17:54
रात
  • मंगल17:54–18:59
  • सूर्य18:59–20:03
  • शुक्र20:03–21:07
  • बुध21:07–22:12
  • चन्द्र22:12–23:16
  • शनि23:16–00:21
  • गुरु00:21–01:25
  • मंगल01:25–02:29
  • सूर्य02:29–03:34
  • शुक्र03:34–04:38
  • बुध04:38–05:43
  • चन्द्र05:43–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद06:56 तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद12:59 तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद19:00 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद00:56, 21 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद06:50, 21 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
अनुराधा 1 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 8m
रात्रिमान
12h 53m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 06:56 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
आकाश · 07:16 तकपाताल · 06:31, 21 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:16 तकक्रीड़ा में · 06:31, 21 नव॰ तककैलाश पर
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:46 –06:56
  • शुभ मुहूर्त06:56 –07:16
  • चोर पंचक07:16 –08:49
  • शुभ मुहूर्त08:49 –10:54
  • रोग पंचक10:54 –12:43
  • शुभ मुहूर्त12:43 –14:19
  • मृत्यु पंचक14:19 –15:52
  • रोग पंचक15:52 –17:35
  • शुभ मुहूर्त17:35 –19:35
  • मृत्यु पंचक19:35 –21:48
  • अग्नि पंचक21:48 –00:01, 21 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:01 –02:10, 21 नव॰
  • राज पंचक02:10 –04:18, 21 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:18 –06:30, 21 नव॰
  • चोर पंचक06:30 –06:31, 21 नव॰
  • शुभ मुहूर्त06:31 –06:47, 21 नव॰

उदय लग्न

  • वृश्चिक06:34 –08:49
  • धनु08:49 –10:54
  • मकर10:54 –12:43
  • कुम्भ12:43 –14:19
  • मीन14:19 –15:52
  • मेष15:52 –17:35
  • वृषभ17:35 –19:35
  • मिथुन19:35 –21:48
  • कर्क21:48 –00:01, 21 नव॰
  • सिंह00:01 –02:10, 21 नव॰
  • कन्या02:10 –04:18, 21 नव॰
  • तुला04:18 –06:30, 21 नव॰
  • वृश्चिक06:30 –08:45, 21 नव॰

पंचांग · नासिक, 20 नवंबर 2026

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को नासिक में सूर्योदय 06:46 और सूर्यास्त 17:54 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 07:16 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 06:56 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग वज्र 21 नवंबर 04:55 तक, फिर सिद्धि; करण गर 07:16 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 10:57–12:20, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:43। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नासिक में 20 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 07:16 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:46, नासिक)।

20 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 06:56 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा मीन राशि में 22 नवंबर 05:54 तक।

नासिक में 20 नवंबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:57–12:20, यमगण्ड 15:07–16:31, गुलिक काल 08:10–09:33।

नासिक में 20 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 17:54, चंद्रोदय 14:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 नवंबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:58–12:43, ब्रह्म मुहूर्त 05:03–05:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

20 नवंबर 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।

नासिक हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2327° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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