पंचांग · बुधवार, 12 अप्रैल 2028मैसूरु

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2085संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:13सूर्योदय18:35सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 08:36 तक
नक्षत्र
विशाखा
06:36 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1318:35
बुधवार · बुध
राहु काल
12:24 –13:57
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:13दिन18:35
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
राहु काल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:35रात06:12
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    08:36 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    07:29, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    06:36 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    06:08, 13 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    06:29, 14 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    09:11 तक
  2. व्यतीपात
    07:11, 13 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    08:36 तक
  2. बव
    19:57 तक
  3. बालव
    07:29, 13 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:13
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
18:35
बिंब मध्य 18:31
चंद्रोदय
21:35
चंद्रास्त
08:18
दिनमान
12h 22m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
वृश्चिक
06:29, 14 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:26
  • प्रातः संध्या05:03 –06:13
  • अभिजित मुहूर्त11:59 –12:49
  • विजय मुहूर्त14:28 –15:17
  • गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:59
  • सायाह्न संध्या18:35 –19:45
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 13 अप्रैल
  • अमृत काल19:56 –21:30
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:24 –13:57
  • यमगंड07:46 –09:19
  • गुलिक काल10:51 –12:24
  • दुर्मुहूर्त11:59 –12:49
  • वर्ज्य10:31 –12:05
  • गंड मूल06:08 –06:12, 13 अप्रैल
  • भद्रा06:13 –08:36

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभ06:13 – 07:46
  • अमृत07:46 – 09:19
  • काल09:19 – 10:51
  • शुभ10:51 – 12:24
  • रोग12:24 – 13:57
  • उद्वेग13:57 – 15:30
  • चर15:30 – 17:03
  • लाभ17:03 – 18:35
रात
  • उद्वेग18:35 – 20:03
  • शुभ20:03 – 21:30
  • अमृत21:30 – 22:57
  • चर22:57 – 00:24
  • रोग00:24 – 01:51
  • काल01:51 – 03:18
  • लाभ03:18 – 04:45
  • उद्वेग04:45 – 06:12

होरा

दिन
  • बुध06:13–07:15
  • चन्द्र07:15–08:17
  • शनि08:17–09:19
  • गुरु09:19–10:20
  • मंगल10:20–11:22
  • सूर्य11:22–12:24
  • शुक्र12:24–13:26
  • बुध13:26–14:28
  • चन्द्र14:28–15:30
  • शनि15:30–16:32
  • गुरु16:32–17:34
  • मंगल17:34–18:35
रात
  • सूर्य18:35–19:34
  • शुक्र19:34–20:32
  • बुध20:32–21:30
  • चन्द्र21:30–22:28
  • शनि22:28–23:26
  • गुरु23:26–00:24
  • मंगल00:24–01:22
  • सूर्य01:22–02:20
  • शुक्र02:20–03:18
  • बुध03:18–04:16
  • चन्द्र04:16–05:14
  • शनि05:14–06:12

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद06:36 तक
  • अनुराधा 1 पद12:24 तक
  • अनुराधा 2 पद18:16 तक
  • अनुराधा 3 पद00:10, 13 अप्रैल तक
  • अनुराधा 4 पद06:08, 13 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद12:08, 13 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 22m
रात्रिमान
11h 37m
मध्याह्न
12:24

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 06:36 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 06:08, 13 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:36 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 08:36 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:13 –06:36
  • राज पंचक06:36 –08:10
  • शुभ मुहूर्त08:10 –08:36
  • चोर पंचक08:36 –10:13
  • शुभ मुहूर्त10:13 –12:24
  • रोग पंचक12:24 –14:33
  • शुभ मुहूर्त14:33 –16:35
  • मृत्यु पंचक16:35 –18:36
  • अग्नि पंचक18:36 –20:42
  • शुभ मुहूर्त20:42 –22:54
  • राज पंचक22:54 –01:01, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:01 –02:55, 13 अप्रैल
  • चोर पंचक02:55 –04:37, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:37 –06:08, 13 अप्रैल
  • रोग पंचक06:08 –06:12, 13 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:41 –06:21
  • मेष06:21 –08:10
  • वृषभ08:10 –10:13
  • मिथुन10:13 –12:24
  • कर्क12:24 –14:33
  • सिंह14:33 –16:35
  • कन्या16:35 –18:36
  • तुला18:36 –20:42
  • वृश्चिक20:42 –22:54
  • धनु22:54 –01:01, 13 अप्रैल
  • मकर01:01 –02:55, 13 अप्रैल
  • कुम्भ02:55 –04:37, 13 अप्रैल
  • मीन04:37 –06:18, 13 अप्रैल

पंचांग · मैसूरु, 12 अप्रैल 2028

बुधवार, 12 अप्रैल 2028 को मैसूरु में सूर्योदय 06:13 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 08:36 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 06:36 तक, फिर अनुराधा; योग सिद्धि 09:11 तक, फिर व्यतीपात; करण विष्टि 08:36 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:24–13:57, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

मैसूरु में 12 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 08:36 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:13, मैसूरु)।

12 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 06:36 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 14 अप्रैल 06:29 तक।

मैसूरु में 12 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:24–13:57, यमगण्ड 07:46–09:19, गुलिक काल 10:51–12:24।

मैसूरु में 12 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 21:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 अप्रैल 2028 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

मैसूरु हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2521° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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