पंचांग · सोमवार, 3 अप्रैल 2028लंदन

चैत्र · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2085राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:30सूर्योदय19:38सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 07:30 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
20:30 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3019:38
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:09 –09:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:30दिन19:38
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:0017:0019:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:38रात06:28
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
22:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    07:30 तक
  2. शुक्ल नवमी
    05:37, 4 अप्रैल तक
  3. शुक्ल दशमी
    03:16, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    20:30 तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    19:04, 4 अप्रैल तक
योग
  1. अतिगण्ड
    14:39 तक
  2. सुकर्मा
    11:52, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    07:30 तक
  2. बालव
    18:37 तक
  3. कौलव
    05:37, 4 अप्रैल तक
  4. तैतिल
    16:30, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:30
बिंब मध्य 06:35
सूर्यास्त
19:38
बिंब मध्य 19:32
चंद्रोदय
11:46
चंद्रास्त
03:40
दिनमान
13h 8m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मिथुन
14:47 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:03 –05:47
  • प्रातः संध्या05:25 –06:30
  • अभिजित मुहूर्त12:38 –13:30
  • विजय मुहूर्त15:15 –16:08
  • गोधूलि मुहूर्त19:38 –20:00
  • सायाह्न संध्या19:38 –20:43
  • निशीथ मुहूर्त00:41 –01:25, 4 अप्रैल
  • अमृत काल18:12 –19:44
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:09 –09:47
  • यमगंड11:26 –13:04
  • गुलिक काल14:43 –16:21
  • दुर्मुहूर्त13:30 –14:23
  • दुर्मुहूर्त16:08 –17:00
  • वर्ज्य08:58 –10:30
  • वर्ज्य04:01 –05:32, 4 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:30 – 08:09
  • काल08:09 – 09:47
  • शुभ09:47 – 11:26
  • रोग11:26 – 13:04
  • उद्वेग13:04 – 14:43
  • चर14:43 – 16:21
  • लाभ16:21 – 18:00
  • अमृत18:00 – 19:38
रात
  • चर19:38 – 20:59
  • रोग20:59 – 22:21
  • काल22:21 – 23:42
  • लाभ23:42 – 01:03
  • उद्वेग01:03 – 02:24
  • शुभ02:24 – 03:46
  • अमृत03:46 – 05:07
  • चर05:07 – 06:28

होरा

दिन
  • चन्द्र06:30–07:36
  • शनि07:36–08:42
  • गुरु08:42–09:47
  • मंगल09:47–10:53
  • सूर्य10:53–11:59
  • शुक्र11:59–13:04
  • बुध13:04–14:10
  • चन्द्र14:10–15:15
  • शनि15:15–16:21
  • गुरु16:21–17:27
  • मंगल17:27–18:32
  • सूर्य18:32–19:38
रात
  • शुक्र19:38–20:32
  • बुध20:32–21:26
  • चन्द्र21:26–22:21
  • शनि22:21–23:15
  • गुरु23:15–00:09
  • मंगल00:09–01:03
  • सूर्य01:03–01:57
  • शुक्र01:57–02:51
  • बुध02:51–03:46
  • चन्द्र03:46–04:40
  • शनि04:40–05:34
  • गुरु05:34–06:28

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 2 पद09:02 तक
  • पुनर्वसु 3 पद14:47 तक
  • पुनर्वसु 4 पद20:30 तक
  • पुष्य 1 पद02:11, 4 अप्रैल तक
  • पुष्य 2 पद07:50, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 8m
रात्रिमान
10h 50m
मध्याह्न
13:04

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 14:47 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 20:30 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 14:47 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:30 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:37, 4 अप्रैल तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 07:30 तकगौरी के साथ · 05:37, 4 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:30 –06:53
  • शुभ मुहूर्त06:53 –07:30
  • मृत्यु पंचक07:30 –07:57
  • अग्नि पंचक07:57 –09:35
  • शुभ मुहूर्त09:35 –11:58
  • राज पंचक11:58 –14:47
  • शुभ मुहूर्त14:47 –17:37
  • चोर पंचक17:37 –20:27
  • शुभ मुहूर्त20:27 –20:30
  • रोग पंचक20:30 –23:18
  • शुभ मुहूर्त23:18 –01:55, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:55 –03:50, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:50 –05:04, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:04 –05:37, 4 अप्रैल
  • राज पंचक05:37 –05:58, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:58 –06:28, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन06:02 –06:53
  • मेष06:53 –07:57
  • वृषभ07:57 –09:35
  • मिथुन09:35 –11:58
  • कर्क11:58 –14:47
  • सिंह14:47 –17:37
  • कन्या17:37 –20:27
  • तुला20:27 –23:18
  • वृश्चिक23:18 –01:55, 4 अप्रैल
  • धनु01:55 –03:50, 4 अप्रैल
  • मकर03:50 –05:04, 4 अप्रैल
  • कुम्भ05:04 –05:58, 4 अप्रैल
  • मीन05:58 –06:49, 4 अप्रैल

पंचांग · लंदन, 3 अप्रैल 2028

सोमवार, 3 अप्रैल 2028 को लंदन में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 19:38 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 07:30 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 20:30 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 14:39 तक, फिर सुकर्मा; करण बव 07:30 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 08:09–09:47, अभिजित मुहूर्त 12:38–13:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 3 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 07:30 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:30, लंदन)।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 20:30 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 14:47 तक।

लंदन में 3 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:09–09:47, यमगण्ड 11:26–13:04, गुलिक काल 14:43–16:21।

लंदन में 3 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 19:38, चंद्रोदय 11:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:38–13:30, ब्रह्म मुहूर्त 05:03–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2518° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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