पंचांग · शनिवार, 31 अक्टूबर 2026लंदन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी11:27 तक
- कृष्ण सप्तमी09:22, 1 नव॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु00:09, 1 नव॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि23:00, 1 नव॰ तक
- सिद्ध12:01 तक
- साध्य09:09, 1 नव॰ तक
- वणिज11:27 तक
- विष्टि22:22 तक
- बव09:22, 1 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:52बिंब मध्य 06:57
- सूर्यास्त
- 16:35बिंब मध्य 16:29
- चंद्रोदय
- 21:00
- चंद्रास्त
- 13:14
- दिनमान
- 9h 43m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मिथुन18:30 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:58 –05:55
- प्रातः संध्या05:27 –06:52
- अभिजित मुहूर्त11:24 –12:03
- विजय मुहूर्त13:21 –14:00
- गोधूलि मुहूर्त16:35 –17:04
- सायाह्न संध्या16:35 –18:01
- निशीथ मुहूर्त23:16 –00:13, 1 नव॰
- अमृत काल21:54 –23:24
- राहु काल09:18 –10:31
- यमगंड12:57 –14:10
- गुलिक काल06:52 –08:05
- दुर्मुहूर्त06:52 –07:31
- दुर्मुहूर्त07:31 –08:10
- वर्ज्य12:55 –14:25
- भद्रा11:27 –22:22
चौघड़िया
- काल06:52 – 08:05
- शुभ08:05 – 09:18
- रोग09:18 – 10:31
- उद्वेग10:31 – 11:44
- चर11:44 – 12:57
- लाभ12:57 – 14:10
- अमृत14:10 – 15:22
- काल15:22 – 16:35
- लाभ16:35 – 18:23
- उद्वेग18:23 – 20:10
- शुभ20:10 – 21:57
- अमृत21:57 – 23:45
- चर23:45 – 01:32
- रोग01:32 – 03:19
- काल03:19 – 05:07
- लाभ05:07 – 06:54
होरा
- शनि06:52–07:41
- गुरु07:41–08:29
- मंगल08:29–09:18
- सूर्य09:18–10:07
- शुक्र10:07–10:55
- बुध10:55–11:44
- चन्द्र11:44–12:32
- शनि12:32–13:21
- गुरु13:21–14:10
- मंगल14:10–14:58
- सूर्य14:58–15:47
- शुक्र15:47–16:35
- बुध16:35–17:47
- चन्द्र17:47–18:58
- शनि18:58–20:10
- गुरु20:10–21:22
- मंगल21:22–22:33
- सूर्य22:33–23:45
- शुक्र23:45–00:56
- बुध00:56–02:08
- चन्द्र02:08–03:19
- शनि03:19–04:31
- गुरु04:31–05:42
- मंगल05:42–06:54
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 1 पद07:16 तक
- पुनर्वसु 2 पद12:53 तक
- पुनर्वसु 3 पद18:30 तक
- पुनर्वसु 4 पद00:09, 1 नव॰ तक
- पुष्य 1 पद05:50, 1 नव॰ तक
- पुष्य 2 पद11:32, 1 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 9h 43m
- रात्रिमान
- 14h 19m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम · 18:30 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 11:27 तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 11:27 तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:52 –08:30
- शुभ मुहूर्त08:30 –11:07
- रोग पंचक11:07 –11:27
- शुभ मुहूर्त11:27 –13:02
- मृत्यु पंचक13:02 –14:17
- अग्नि पंचक14:17 –15:11
- शुभ मुहूर्त15:11 –16:02
- मृत्यु पंचक16:02 –17:06
- अग्नि पंचक17:06 –18:43
- शुभ मुहूर्त18:43 –21:07
- राज पंचक21:07 –23:55
- शुभ मुहूर्त23:55 –00:09, 1 नव॰
- चोर पंचक00:09 –02:46, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त02:46 –05:36, 1 नव॰
- रोग पंचक05:36 –06:54, 1 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:40 –08:30
- वृश्चिक08:30 –11:07
- धनु11:07 –13:02
- मकर13:02 –14:17
- कुम्भ14:17 –15:11
- मीन15:11 –16:02
- मेष16:02 –17:06
- वृषभ17:06 –18:43
- मिथुन18:43 –21:07
- कर्क21:07 –23:55
- सिंह23:55 –02:46, 1 नव॰
- कन्या02:46 –05:36, 1 नव॰
- तुला05:36 –08:26, 1 नव॰
पंचांग · लंदन, 31 अक्टूबर 2026
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय 06:52 और सूर्यास्त 16:35 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 11:27 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र पुनर्वसु 1 नवंबर 00:09 तक, फिर पुष्य; योग सिद्ध 12:01 तक, फिर साध्य; करण वणिज 11:27 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 09:18–10:31, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:03। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
लंदन में 31 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 11:27 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:52, लंदन)।
31 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 1 नवंबर 00:09 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 18:30 तक।
लंदन में 31 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:18–10:31, यमगण्ड 12:57–14:10, गुलिक काल 06:52–08:05।
लंदन में 31 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 16:35, चंद्रोदय 21:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:24–12:03, ब्रह्म मुहूर्त 04:58–05:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
लंदन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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