पंचांग · रविवार, 4 अक्टूबर 2026लंदन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- कृष्ण नवमी23:24 तक
- कृष्ण दशमी21:38, 5 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु19:43 तक
- पुष्यस्वामी शनि18:39, 5 अक्टू॰ तक
- परिघ08:01 तक
- शिव05:21, 5 अक्टू॰ तक
- सिद्ध02:50, 6 अक्टू॰ तक
- तैतिल12:21 तक
- गर23:24 तक
- वणिज10:29, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 07:06बिंब मध्य 07:11
- सूर्यास्त
- 18:32बिंब मध्य 18:26
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 16:13
- दिनमान
- 11h 26m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मिथुन14:01 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:26 –06:16
- प्रातः संध्या05:51 –07:06
- अभिजित मुहूर्त12:26 –13:12
- विजय मुहूर्त14:43 –15:29
- गोधूलि मुहूर्त18:32 –18:57
- सायाह्न संध्या18:32 –19:47
- निशीथ मुहूर्त00:24 –01:15, 5 अक्टू॰
- अमृत काल17:27 –18:58
- राहु काल17:06 –18:32
- यमगंड12:49 –14:14
- गुलिक काल15:40 –17:06
- दुर्मुहूर्त17:00 –17:46
- वर्ज्य08:21 –09:52
- वर्ज्य03:22 –04:53, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- उद्वेग07:06 – 08:32
- चर08:32 – 09:57
- लाभ09:57 – 11:23
- अमृत11:23 – 12:49
- काल12:49 – 14:14
- शुभ14:14 – 15:40
- रोग15:40 – 17:06
- उद्वेग17:06 – 18:32
- शुभ18:32 – 20:06
- अमृत20:06 – 21:41
- चर21:41 – 23:15
- रोग23:15 – 00:50
- काल00:50 – 02:24
- लाभ02:24 – 03:59
- उद्वेग03:59 – 05:33
- शुभ05:33 – 07:08
होरा
- सूर्य07:06–08:03
- शुक्र08:03–09:00
- बुध09:00–09:57
- चन्द्र09:57–10:54
- शनि10:54–11:52
- गुरु11:52–12:49
- मंगल12:49–13:46
- सूर्य13:46–14:43
- शुक्र14:43–15:40
- बुध15:40–16:37
- चन्द्र16:37–17:34
- शनि17:34–18:32
- गुरु18:32–19:35
- मंगल19:35–20:38
- सूर्य20:38–21:41
- शुक्र21:41–22:44
- बुध22:44–23:47
- चन्द्र23:47–00:50
- शनि00:50–01:53
- गुरु01:53–02:56
- मंगल02:56–03:59
- सूर्य03:59–05:02
- शुक्र05:02–06:05
- बुध06:05–07:08
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 2 पद08:20 तक
- पुनर्वसु 3 पद14:01 तक
- पुनर्वसु 4 पद19:43 तक
- पुष्य 1 पद01:26, 5 अक्टू॰ तक
- पुष्य 2 पद07:10, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 26m
- रात्रिमान
- 12h 36m
- मध्याह्न
- 12:49
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पश्चिम · 14:01 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 23:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 23:24 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक07:06 –08:26
- शुभ मुहूर्त08:26 –11:17
- राज पंचक11:17 –13:53
- शुभ मुहूर्त13:53 –15:49
- चोर पंचक15:49 –17:03
- शुभ मुहूर्त17:03 –17:57
- रोग पंचक17:57 –18:48
- चोर पंचक18:48 –19:43
- शुभ मुहूर्त19:43 –19:52
- रोग पंचक19:52 –21:29
- शुभ मुहूर्त21:29 –23:24
- मृत्यु पंचक23:24 –23:53
- अग्नि पंचक23:53 –02:41, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:41 –05:32, 5 अक्टू॰
- राज पंचक05:32 –07:08, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:36 –08:26
- तुला08:26 –11:17
- वृश्चिक11:17 –13:53
- धनु13:53 –15:49
- मकर15:49 –17:03
- कुम्भ17:03 –17:57
- मीन17:57 –18:48
- मेष18:48 –19:52
- वृषभ19:52 –21:29
- मिथुन21:29 –23:53
- कर्क23:53 –02:41, 5 अक्टू॰
- सिंह02:41 –05:32, 5 अक्टू॰
- कन्या05:32 –08:22, 5 अक्टू॰
पंचांग · लंदन, 4 अक्टूबर 2026
रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय 07:06 और सूर्यास्त 18:32 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 23:24 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र पुनर्वसु 19:43 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 08:01 तक, फिर शिव; करण तैतिल 12:21 तक, फिर गर। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 17:06–18:32, अभिजित मुहूर्त 12:26–13:12। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
लंदन में 4 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 23:24 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 07:06, लंदन)।
4 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 19:43 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 14:01 तक।
लंदन में 4 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:06–18:32, यमगण्ड 12:49–14:14, गुलिक काल 15:40–17:06।
लंदन में 4 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 07:06, सूर्यास्त 18:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:26–13:12, ब्रह्म मुहूर्त 05:26–06:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
लंदन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2309° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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