पंचांग · गुरुवार, 17 अप्रैल 2025लंदन

चैत्र · कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2082संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:00सूर्योदय20:01सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
कृष्ण · 10:53 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
03:51, 18 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0020:01
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:46 –16:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:00दिन20:01
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:01रात05:58
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्थी
    10:53 तक
  2. कृष्ण पंचमी
    12:37, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    03:51, 18 अप्रैल तक
  2. मूलस्वामी केतु
    05:51, 19 अप्रैल तक
योग
  1. वरीयान्
    20:20 तक
  2. परिघ
    20:33, 18 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    10:53 तक
  2. कौलव
    23:49 तक
  3. तैतिल
    12:37, 18 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:00
बिंब मध्य 06:05
सूर्यास्त
20:01
बिंब मध्य 19:55
चंद्रोदय
00:30
चंद्रास्त
07:21
दिनमान
14h 1m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृश्चिक
03:51, 18 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:20
  • प्रातः संध्या05:00 –06:00
  • अभिजित मुहूर्त12:33 –13:29
  • विजय मुहूर्त15:21 –16:17
  • गोधूलि मुहूर्त20:01 –20:21
  • सायाह्न संध्या20:01 –21:01
  • निशीथ मुहूर्त00:40 –01:19, 18 अप्रैल
  • अमृत काल18:09 –19:55
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:46 –16:31
  • यमगंड06:00 –07:45
  • गुलिक काल09:30 –11:15
  • दुर्मुहूर्त10:40 –11:36
  • दुर्मुहूर्त16:17 –17:13
  • वर्ज्य07:35 –09:21
  • गंड मूल06:00 –03:51, 18 अप्रैल
  • गंड मूल03:51 –05:58, 18 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:00 – 07:45
  • रोग07:45 – 09:30
  • उद्वेग09:30 – 11:15
  • चर11:15 – 13:01
  • लाभ13:01 – 14:46
  • अमृत14:46 – 16:31
  • काल16:31 – 18:16
  • शुभ18:16 – 20:01
रात
  • अमृत20:01 – 21:16
  • चर21:16 – 22:30
  • रोग22:30 – 23:45
  • काल23:45 – 00:59
  • लाभ00:59 – 02:14
  • उद्वेग02:14 – 03:29
  • शुभ03:29 – 04:43
  • अमृत04:43 – 05:58

होरा

दिन
  • गुरु06:00–07:10
  • मंगल07:10–08:20
  • सूर्य08:20–09:30
  • शुक्र09:30–10:40
  • बुध10:40–11:50
  • चन्द्र11:50–13:01
  • शनि13:01–14:11
  • गुरु14:11–15:21
  • मंगल15:21–16:31
  • सूर्य16:31–17:41
  • शुक्र17:41–18:51
  • बुध18:51–20:01
रात
  • चन्द्र20:01–20:51
  • शनि20:51–21:40
  • गुरु21:40–22:30
  • मंगल22:30–23:20
  • सूर्य23:20–00:10
  • शुक्र00:10–00:59
  • बुध00:59–01:49
  • चन्द्र01:49–02:39
  • शनि02:39–03:29
  • गुरु03:29–04:19
  • मंगल04:19–05:08
  • सूर्य05:08–05:58

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद08:03 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद14:40 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद21:16 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद03:51, 18 अप्रैल तक
  • मूल 1 पद10:23, 18 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
14h 1m
रात्रिमान
9h 57m
मध्याह्न
13:01

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 03:51, 18 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 03:51, 18 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 03:51, 18 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 10:53 तकपाताल
शिववास
कैलाश पर · 10:53 तकनंदी पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:00 –07:03
  • रोग पंचक07:03 –08:41
  • शुभ मुहूर्त08:41 –10:53
  • मृत्यु पंचक10:53 –11:04
  • अग्नि पंचक11:04 –13:52
  • शुभ मुहूर्त13:52 –16:43
  • राज पंचक16:43 –19:33
  • शुभ मुहूर्त19:33 –22:24
  • चोर पंचक22:24 –01:01, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:01 –02:56, 18 अप्रैल
  • रोग पंचक02:56 –03:51, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:51 –04:10, 18 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:10 –05:04, 18 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:04 –05:55, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:55 –05:58, 18 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:59 –07:03
  • वृषभ07:03 –08:41
  • मिथुन08:41 –11:04
  • कर्क11:04 –13:52
  • सिंह13:52 –16:43
  • कन्या16:43 –19:33
  • तुला19:33 –22:24
  • वृश्चिक22:24 –01:01, 18 अप्रैल
  • धनु01:01 –02:56, 18 अप्रैल
  • मकर02:56 –04:10, 18 अप्रैल
  • कुम्भ04:10 –05:04, 18 अप्रैल
  • मीन05:04 –05:55, 18 अप्रैल
  • मेष05:55 –06:59, 18 अप्रैल

पंचांग · लंदन, 17 अप्रैल 2025

गुरुवार, 17 अप्रैल 2025 को लंदन में सूर्योदय 06:00 और सूर्यास्त 20:01 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 10:53 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 18 अप्रैल 03:51 तक, फिर मूल; योग वरीयान् 20:20 तक, फिर परिघ; करण बालव 10:53 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 14:46–16:31, अभिजित मुहूर्त 12:33–13:29। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 17 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्थी 10:53 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:00, लंदन)।

17 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 18 अप्रैल 03:51 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 18 अप्रैल 03:51 तक।

लंदन में 17 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:46–16:31, यमगण्ड 06:00–07:45, गुलिक काल 09:30–11:15।

लंदन में 17 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 20:01, चंद्रोदय 00:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:33–13:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:20। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अप्रैल 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2104° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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