पंचांग · शनिवार, 31 अक्टूबर 2026कोलकाता

आश्विन · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:40सूर्योदय17:00सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 16:57 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
07:12 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4017:00
शनिवार · शनि
राहु काल
08:30 –09:55
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:40दिन17:00
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:00रात05:41
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    16:57 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    14:52, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    07:12 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:39, 1 नव॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    04:30, 2 नव॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    17:31 तक
  2. साध्य
    14:39, 1 नव॰ तक
करण
  1. गर
    06:09 तक
  2. वणिज
    16:57 तक
  3. विष्टि
    03:52, 1 नव॰ तक
  4. बव
    14:52, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:40
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
17:00
बिंब मध्य 16:56
चंद्रोदय
21:55
चंद्रास्त
10:57
दिनमान
11h 20m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मिथुन
00:00, 1 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:50
  • प्रातः संध्या04:24 –05:40
  • अभिजित मुहूर्त10:57 –11:43
  • विजय मुहूर्त13:13 –13:59
  • गोधूलि मुहूर्त17:00 –17:25
  • सायाह्न संध्या17:00 –18:16
  • निशीथ मुहूर्त22:55 –23:46
  • अमृत काल03:24 –04:54, 1 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:30 –09:55
  • यमगंड12:45 –14:10
  • गुलिक काल05:40 –07:05
  • दुर्मुहूर्त05:40 –06:26
  • दुर्मुहूर्त06:26 –07:11
  • वर्ज्य18:25 –19:55
  • भद्रा16:57 –03:52, 1 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल05:40 – 07:05
  • शुभ07:05 – 08:30
  • रोग08:30 – 09:55
  • उद्वेग09:55 – 11:20
  • चर11:20 – 12:45
  • लाभ12:45 – 14:10
  • अमृत14:10 – 15:35
  • काल15:35 – 17:00
रात
  • लाभ17:00 – 18:35
  • उद्वेग18:35 – 20:10
  • शुभ20:10 – 21:45
  • अमृत21:45 – 23:20
  • चर23:20 – 00:55
  • रोग00:55 – 02:31
  • काल02:31 – 04:06
  • लाभ04:06 – 05:41

होरा

दिन
  • शनि05:40–06:37
  • गुरु06:37–07:34
  • मंगल07:34–08:30
  • सूर्य08:30–09:27
  • शुक्र09:27–10:23
  • बुध10:23–11:20
  • चन्द्र11:20–12:17
  • शनि12:17–13:13
  • गुरु13:13–14:10
  • मंगल14:10–15:07
  • सूर्य15:07–16:03
  • शुक्र16:03–17:00
रात
  • बुध17:00–18:03
  • चन्द्र18:03–19:07
  • शनि19:07–20:10
  • गुरु20:10–21:13
  • मंगल21:13–22:17
  • सूर्य22:17–23:20
  • शुक्र23:20–00:24
  • बुध00:24–01:27
  • चन्द्र01:27–02:31
  • शनि02:31–03:34
  • गुरु03:34–04:37
  • मंगल04:37–05:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद07:12 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:46 तक
  • पुनर्वसु 2 पद18:23 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:00, 1 नव॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद05:39, 1 नव॰ तक
  • पुष्य 1 पद11:20, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 20m
रात्रिमान
12h 41m
मध्याह्न
11:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:00, 1 नव॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 07:12 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 05:39, 1 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 00:00, 1 नव॰ तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 16:57 तकपाताल
शिववास
भोजन में · 16:57 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:40 –06:59
  • चोर पंचक06:59 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –09:14
  • रोग पंचक09:14 –11:20
  • शुभ मुहूर्त11:20 –13:07
  • मृत्यु पंचक13:07 –14:40
  • अग्नि पंचक14:40 –16:11
  • शुभ मुहूर्त16:11 –16:57
  • मृत्यु पंचक16:57 –17:52
  • अग्नि पंचक17:52 –19:50
  • शुभ मुहूर्त19:50 –22:03
  • राज पंचक22:03 –00:19, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:19 –02:30, 1 नव॰
  • चोर पंचक02:30 –04:41, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:41 –05:39, 1 नव॰
  • रोग पंचक05:39 –05:41, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:44 –06:59
  • वृश्चिक06:59 –09:14
  • धनु09:14 –11:20
  • मकर11:20 –13:07
  • कुम्भ13:07 –14:40
  • मीन14:40 –16:11
  • मेष16:11 –17:52
  • वृषभ17:52 –19:50
  • मिथुन19:50 –22:03
  • कर्क22:03 –00:19, 1 नव॰
  • सिंह00:19 –02:30, 1 नव॰
  • कन्या02:30 –04:41, 1 नव॰
  • तुला04:41 –06:55, 1 नव॰

पंचांग · कोलकाता, 31 अक्टूबर 2026

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 17:00 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 17:31 तक, फिर साध्य; करण गर 06:09 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:30–09:55, अभिजित मुहूर्त 10:57–11:43। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:40, कोलकाता)।

31 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 00:00 तक।

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:30–09:55, यमगण्ड 12:45–14:10, गुलिक काल 05:40–07:05।

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 17:00, चंद्रोदय 21:55 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 10:57–11:43, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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