पंचांग · शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025कोलकाता

चैत्र · शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2082

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:26सूर्योदय17:53सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल सप्तमी
शुक्ल · 20:13 तक
नक्षत्र
मृगशिरा
05:51 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2617:53
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:06 –11:40
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:26दिन17:53
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:53रात05:25
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल सप्तमी
    20:13 तक
  2. शुक्ल अष्टमी
    19:26, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:51 तक
  2. आर्द्रास्वामी राहु
    05:20, 5 अप्रैल तक
  3. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:32, 6 अप्रैल तक
योग
  1. शोभन
    21:45 तक
  2. अतिगण्ड
    20:03, 5 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    08:52 तक
  2. वणिज
    20:13 तक
  3. विष्टि
    07:44, 5 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:26
बिंब मध्य 05:30
सूर्यास्त
17:53
बिंब मध्य 17:49
चंद्रोदय
10:08
चंद्रास्त
—
दिनमान
12h 27m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
23:25, 5 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:54 –04:40
  • प्रातः संध्या04:17 –05:26
  • अभिजित मुहूर्त11:15 –12:05
  • विजय मुहूर्त13:44 –14:34
  • गोधूलि मुहूर्त17:53 –18:16
  • सायाह्न संध्या17:53 –19:02
  • निशीथ मुहूर्त23:16 –00:02, 5 अप्रैल
  • अमृत काल19:33 –21:07
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:06 –11:40
  • यमगंड14:46 –16:20
  • गुलिक काल07:00 –08:33
  • दुर्मुहूर्त07:56 –08:45
  • दुर्मुहूर्त12:05 –12:54
  • वर्ज्य14:04 –15:38
  • भद्रा20:13 –05:25, 5 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर05:26 – 07:00
  • लाभ07:00 – 08:33
  • अमृत08:33 – 10:06
  • काल10:06 – 11:40
  • शुभ11:40 – 13:13
  • रोग13:13 – 14:46
  • उद्वेग14:46 – 16:20
  • चर16:20 – 17:53
रात
  • रोग17:53 – 19:20
  • काल19:20 – 20:46
  • लाभ20:46 – 22:13
  • उद्वेग22:13 – 23:39
  • शुभ23:39 – 01:06
  • अमृत01:06 – 02:32
  • चर02:32 – 03:59
  • रोग03:59 – 05:25

होरा

दिन
  • शुक्र05:26–06:29
  • बुध06:29–07:31
  • चन्द्र07:31–08:33
  • शनि08:33–09:35
  • गुरु09:35–10:37
  • मंगल10:37–11:40
  • सूर्य11:40–12:42
  • शुक्र12:42–13:44
  • बुध13:44–14:46
  • चन्द्र14:46–15:49
  • शनि15:49–16:51
  • गुरु16:51–17:53
रात
  • मंगल17:53–18:51
  • सूर्य18:51–19:48
  • शुक्र19:48–20:46
  • बुध20:46–21:44
  • चन्द्र21:44–22:41
  • शनि22:41–23:39
  • गुरु23:39–00:37
  • मंगल00:37–01:35
  • सूर्य01:35–02:32
  • शुक्र02:32–03:30
  • बुध03:30–04:28
  • चन्द्र04:28–05:25

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मृगशिरा 4 पद05:51 तक
  • आर्द्रा 1 पद11:39 तक
  • आर्द्रा 2 पद17:30 तक
  • आर्द्रा 3 पद23:24 तक
  • आर्द्रा 4 पद05:20, 5 अप्रैल तक
  • पुनर्वसु 1 पद11:19, 5 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 27m
रात्रिमान
11h 32m
मध्याह्न
11:40

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मृगशिरा · 05:51 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · 05:20, 5 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पाताल · 20:13 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 20:13 तकश्मशान में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:26 –05:51
  • राज पंचक05:51 –06:00
  • अग्नि पंचक06:00 –07:40
  • शुभ मुहूर्त07:40 –09:39
  • राज पंचक09:39 –11:52
  • शुभ मुहूर्त11:52 –14:08
  • चोर पंचक14:08 –16:19
  • शुभ मुहूर्त16:19 –18:29
  • रोग पंचक18:29 –20:13
  • शुभ मुहूर्त20:13 –20:43
  • मृत्यु पंचक20:43 –22:59
  • अग्नि पंचक22:59 –01:04, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:04 –02:51, 5 अप्रैल
  • राज पंचक02:51 –04:25, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:25 –05:20, 5 अप्रैल
  • चोर पंचक05:20 –05:25, 5 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:29 –06:00
  • मेष06:00 –07:40
  • वृषभ07:40 –09:39
  • मिथुन09:39 –11:52
  • कर्क11:52 –14:08
  • सिंह14:08 –16:19
  • कन्या16:19 –18:29
  • तुला18:29 –20:43
  • वृश्चिक20:43 –22:59
  • धनु22:59 –01:04, 5 अप्रैल
  • मकर01:04 –02:51, 5 अप्रैल
  • कुम्भ02:51 –04:25, 5 अप्रैल
  • मीन04:25 –05:56, 5 अप्रैल

पंचांग · कोलकाता, 4 अप्रैल 2025

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को कोलकाता में सूर्योदय 05:26 और सूर्यास्त 17:53 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 20:13 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र मृगशिरा 05:51 तक, फिर आर्द्रा; योग शोभन 21:45 तक, फिर अतिगण्ड; करण गर 08:52 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:06–11:40, अभिजित मुहूर्त 11:15–12:05। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 4 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल सप्तमी 20:13 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:26, कोलकाता)।

4 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा 05:51 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 अप्रैल 23:25 तक।

कोलकाता में 4 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:06–11:40, यमगण्ड 14:46–16:20, गुलिक काल 07:00–08:33।

कोलकाता में 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 17:53, चंद्रोदय 10:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:15–12:05, ब्रह्म मुहूर्त 03:54–04:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2099° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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