पंचांग · मंगलवार, 4 मार्च 2025कोलकाता
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी15:17 तक
- शुक्ल षष्ठी12:51, 5 मार्च तक
- भरणीस्वामी शुक्र02:37, 5 मार्च तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य01:08, 6 मार्च तक
- इन्द्र02:06, 5 मार्च तक
- वैधृति23:07, 5 मार्च तक
- बालव15:17 तक
- कौलव02:01, 5 मार्च तक
- तैतिल12:51, 5 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 17:41बिंब मध्य 17:37
- चंद्रोदय
- 08:43
- चंद्रास्त
- 22:20
- दिनमान
- 11h 46m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मेष08:13, 5 मार्च तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:06
- प्रातः संध्या04:42 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:25 –12:12
- विजय मुहूर्त13:46 –14:33
- गोधूलि मुहूर्त17:41 –18:06
- सायाह्न संध्या17:41 –18:55
- निशीथ मुहूर्त23:24 –00:12, 5 मार्च
- अमृत काल22:12 –23:40
- राहु काल14:45 –16:13
- यमगंड08:52 –10:20
- गुलिक काल11:48 –13:17
- दुर्मुहूर्त08:17 –09:04
- दुर्मुहूर्त22:35 –23:24
- वर्ज्य13:20 –14:49
चौघड़िया
- रोग05:55 – 07:24
- उद्वेग07:24 – 08:52
- चर08:52 – 10:20
- लाभ10:20 – 11:48
- अमृत11:48 – 13:17
- काल13:17 – 14:45
- शुभ14:45 – 16:13
- रोग16:13 – 17:41
- काल17:41 – 19:13
- लाभ19:13 – 20:45
- उद्वेग20:45 – 22:16
- शुभ22:16 – 23:48
- अमृत23:48 – 01:20
- चर01:20 – 02:51
- रोग02:51 – 04:23
- काल04:23 – 05:54
होरा
- मंगल05:55–06:54
- सूर्य06:54–07:53
- शुक्र07:53–08:52
- बुध08:52–09:51
- चन्द्र09:51–10:50
- शनि10:50–11:48
- गुरु11:48–12:47
- मंगल12:47–13:46
- सूर्य13:46–14:45
- शुक्र14:45–15:44
- बुध15:44–16:43
- चन्द्र16:43–17:41
- शनि17:41–18:43
- गुरु18:43–19:44
- मंगल19:44–20:45
- सूर्य20:45–21:46
- शुक्र21:46–22:47
- बुध22:47–23:48
- चन्द्र23:48–00:49
- शनि00:49–01:50
- गुरु01:50–02:51
- मंगल02:51–03:52
- सूर्य03:52–04:53
- शुक्र04:53–05:54
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 1 पद09:59 तक
- भरणी 2 पद15:31 तक
- भरणी 3 पद21:03 तक
- भरणी 4 पद02:37, 5 मार्च तक
- कृत्तिका 1 पद08:13, 5 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- शतभिषा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 46m
- रात्रिमान
- 12h 13m
- मध्याह्न
- 11:48
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 15:17 तकपाताल
- शिववास
- कैलाश पर · 15:17 तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:55 –06:30
- राज पंचक06:30 –08:01
- अग्नि पंचक08:01 –09:42
- शुभ मुहूर्त09:42 –11:40
- राज पंचक11:40 –13:54
- शुभ मुहूर्त13:54 –15:17
- चोर पंचक15:17 –16:09
- शुभ मुहूर्त16:09 –18:21
- रोग पंचक18:21 –20:31
- शुभ मुहूर्त20:31 –22:45
- मृत्यु पंचक22:45 –01:01, 5 मार्च
- अग्नि पंचक01:01 –02:37, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त02:37 –03:06, 5 मार्च
- राज पंचक03:06 –04:53, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:53 –05:54, 5 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ04:57 –06:30
- मीन06:30 –08:01
- मेष08:01 –09:42
- वृषभ09:42 –11:40
- मिथुन11:40 –13:54
- कर्क13:54 –16:09
- सिंह16:09 –18:21
- कन्या18:21 –20:31
- तुला20:31 –22:45
- वृश्चिक22:45 –01:01, 5 मार्च
- धनु01:01 –03:06, 5 मार्च
- मकर03:06 –04:53, 5 मार्च
- कुम्भ04:53 –06:26, 5 मार्च
पंचांग · कोलकाता, 4 मार्च 2025
मंगलवार, 4 मार्च 2025 को कोलकाता में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 17:41 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 15:17 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र भरणी 5 मार्च 02:37 तक, फिर कृत्तिका; योग इन्द्र 5 मार्च 02:06 तक, फिर वैधृति; करण बालव 15:17 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 14:45–16:13, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:12। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।
इस दिन के बारे में प्रश्न
कोलकाता में 4 मार्च 2025 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 15:17 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 05:55, कोलकाता)।
4 मार्च 2025 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 5 मार्च 02:37 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 5 मार्च 08:13 तक।
कोलकाता में 4 मार्च 2025 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:45–16:13, यमगण्ड 08:52–10:20, गुलिक काल 11:48–13:17।
कोलकाता में 4 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:41, चंद्रोदय 08:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मार्च 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:25–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
कोलकाता हिन्दू कैलेंडर मार्च 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2087° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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