पंचांग · शुक्रवार, 21 जुलाई 2028कोच्चि

आषाढ़ · कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:13सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण · 11:18 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
06:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1318:50
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:57 –12:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:13दिन18:50
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात06:13
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्दशी
    11:18 तक
  2. अमावस्या
    08:31, 22 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    06:43 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    04:49, 22 जुल॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    02:35, 23 जुल॰ तक
योग
  1. हर्षण
    01:34, 22 जुल॰ तक
  2. वज्र
    22:02, 22 जुल॰ तक
करण
  1. शकुनि
    11:18 तक
  2. चतुष्पाद
    21:57 तक
  3. नाग
    08:31, 22 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:13
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:46
चंद्रोदय
05:08
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
12h 37m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
23:20 तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:42 –05:27
  • प्रातः संध्या05:05 –06:13
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:57
  • विजय मुहूर्त14:38 –15:28
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:13
  • सायाह्न संध्या18:50 –19:58
  • निशीथ मुहूर्त00:09 –00:54, 22 जुल॰
  • अमृत काल02:36 –04:05, 22 जुल॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:57 –12:31
  • यमगंड15:41 –17:15
  • गुलिक काल07:47 –09:22
  • दुर्मुहूर्त08:44 –09:35
  • दुर्मुहूर्त12:57 –13:47
  • वर्ज्य17:46 –19:14

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:13 – 07:47
  • लाभ07:47 – 09:22
  • अमृत09:22 – 10:57
  • काल10:57 – 12:31
  • शुभ12:31 – 14:06
  • रोग14:06 – 15:41
  • उद्वेग15:41 – 17:15
  • चर17:15 – 18:50
रात
  • रोग18:50 – 20:15
  • काल20:15 – 21:41
  • लाभ21:41 – 23:06
  • उद्वेग23:06 – 00:31
  • शुभ00:31 – 01:57
  • अमृत01:57 – 03:22
  • चर03:22 – 04:48
  • रोग04:48 – 06:13

होरा

दिन
  • शुक्र06:13–07:16
  • बुध07:16–08:19
  • चन्द्र08:19–09:22
  • शनि09:22–10:25
  • गुरु10:25–11:28
  • मंगल11:28–12:31
  • सूर्य12:31–13:34
  • शुक्र13:34–14:38
  • बुध14:38–15:41
  • चन्द्र15:41–16:44
  • शनि16:44–17:47
  • गुरु17:47–18:50
रात
  • मंगल18:50–19:47
  • सूर्य19:47–20:44
  • शुक्र20:44–21:41
  • बुध21:41–22:38
  • चन्द्र22:38–23:35
  • शनि23:35–00:31
  • गुरु00:31–01:28
  • मंगल01:28–02:25
  • सूर्य02:25–03:22
  • शुक्र03:22–04:19
  • बुध04:19–05:16
  • चन्द्र05:16–06:13

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद06:43 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:17 तक
  • पुनर्वसु 2 पद17:49 तक
  • पुनर्वसु 3 पद23:20 तक
  • पुनर्वसु 4 पद04:49, 22 जुल॰ तक
  • पुष्य 1 पद10:17, 22 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुष्य 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 37m
रात्रिमान
11h 23m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 23:20 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 06:43 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 04:49, 22 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 23:20 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:18 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 11:18 तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:13 –06:43
  • मृत्यु पंचक06:43 –08:04
  • अग्नि पंचक08:04 –10:04
  • शुभ मुहूर्त10:04 –11:18
  • राज पंचक11:18 –12:03
  • शुभ मुहूर्त12:03 –14:07
  • चोर पंचक14:07 –16:18
  • शुभ मुहूर्त16:18 –18:25
  • रोग पंचक18:25 –20:21
  • शुभ मुहूर्त20:21 –22:05
  • मृत्यु पंचक22:05 –23:47
  • रोग पंचक23:47 –01:38, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त01:38 –03:41, 22 जुल॰
  • मृत्यु पंचक03:41 –04:49, 22 जुल॰
  • अग्नि पंचक04:49 –05:52, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त05:52 –06:13, 22 जुल॰

उदय लग्न

  • कर्क05:56 –08:04
  • सिंह08:04 –10:04
  • कन्या10:04 –12:03
  • तुला12:03 –14:07
  • वृश्चिक14:07 –16:18
  • धनु16:18 –18:25
  • मकर18:25 –20:21
  • कुम्भ20:21 –22:05
  • मीन22:05 –23:47
  • मेष23:47 –01:38, 22 जुल॰
  • वृषभ01:38 –03:41, 22 जुल॰
  • मिथुन03:41 –05:52, 22 जुल॰
  • कर्क05:52 –08:00, 22 जुल॰

पंचांग · कोच्चि, 21 जुलाई 2028

शुक्रवार, 21 जुलाई 2028 को कोच्चि में सूर्योदय 06:13 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु; योग हर्षण 22 जुलाई 01:34 तक, फिर वज्र; करण शकुनि 11:18 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 10:57–12:31, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:57। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोच्चि में 21 जुलाई 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 06:13, कोच्चि)।

21 जुलाई 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 23:20 तक।

कोच्चि में 21 जुलाई 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:57–12:31, यमगण्ड 15:41–17:15, गुलिक काल 07:47–09:22।

कोच्चि में 21 जुलाई 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 05:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 जुलाई 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:42–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोच्चि हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2560° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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