पंचांग · सोमवार, 20 अप्रैल 2026कोच्चि

वैशाख · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:12सूर्योदय18:36सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 07:28 तक
नक्षत्र
रोहिणी
02:08, 21 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1218:36
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:45 –09:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:12दिन18:36
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:36रात06:12
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    07:28 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:15, 21 अप्रैल तक
  3. शुक्ल पंचमी
    01:20, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    02:08, 21 अप्रैल तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    23:58, 21 अप्रैल तक
योग
  1. सौभाग्य
    16:11 तक
  2. शोभन
    12:31, 21 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    07:28 तक
  2. वणिज
    17:49 तक
  3. विष्टि
    04:15, 21 अप्रैल तक
  4. बव
    14:45, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:12
बिंब मध्य 06:15
सूर्यास्त
18:36
बिंब मध्य 18:32
चंद्रोदय
08:27
चंद्रास्त
21:41
दिनमान
12h 24m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
13:00, 21 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:39 –05:26
  • प्रातः संध्या05:03 –06:12
  • अभिजित मुहूर्त11:59 –12:49
  • विजय मुहूर्त14:28 –15:17
  • गोधूलि मुहूर्त18:36 –18:59
  • सायाह्न संध्या18:36 –19:45
  • निशीथ मुहूर्त00:00 –00:47, 21 अप्रैल
  • अमृत काल23:15 –00:42, 21 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:45 –09:18
  • यमगंड10:51 –12:24
  • गुलिक काल13:57 –15:30
  • दुर्मुहूर्त12:49 –13:38
  • दुर्मुहूर्त15:17 –16:07
  • वर्ज्य18:57 –20:23
  • भद्रा17:49 –04:15, 21 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:12 – 07:45
  • काल07:45 – 09:18
  • शुभ09:18 – 10:51
  • रोग10:51 – 12:24
  • उद्वेग12:24 – 13:57
  • चर13:57 – 15:30
  • लाभ15:30 – 17:03
  • अमृत17:03 – 18:36
रात
  • चर18:36 – 20:03
  • रोग20:03 – 21:30
  • काल21:30 – 22:57
  • लाभ22:57 – 00:24
  • उद्वेग00:24 – 01:51
  • शुभ01:51 – 03:18
  • अमृत03:18 – 04:45
  • चर04:45 – 06:12

होरा

दिन
  • चन्द्र06:12–07:14
  • शनि07:14–08:16
  • गुरु08:16–09:18
  • मंगल09:18–10:20
  • सूर्य10:20–11:22
  • शुक्र11:22–12:24
  • बुध12:24–13:26
  • चन्द्र13:26–14:28
  • शनि14:28–15:30
  • गुरु15:30–16:32
  • मंगल16:32–17:34
  • सूर्य17:34–18:36
रात
  • शुक्र18:36–19:34
  • बुध19:34–20:32
  • चन्द्र20:32–21:30
  • शनि21:30–22:28
  • गुरु22:28–23:26
  • मंगल23:26–00:24
  • सूर्य00:24–01:22
  • शुक्र01:22–02:20
  • बुध02:20–03:18
  • चन्द्र03:18–04:16
  • शनि04:16–05:14
  • गुरु05:14–06:12

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 1 पद09:57 तक
  • रोहिणी 2 पद15:20 तक
  • रोहिणी 3 पद20:43 तक
  • रोहिणी 4 पद02:08, 21 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 1 पद07:34, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 24m
रात्रिमान
11h 36m
मध्याह्न
12:24

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 02:08, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 07:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:15, 21 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:28 तकक्रीड़ा में · 04:15, 21 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:12 –07:28
  • अग्नि पंचक07:28 –07:45
  • शुभ मुहूर्त07:45 –09:49
  • राज पंचक09:49 –12:00
  • शुभ मुहूर्त12:00 –14:07
  • चोर पंचक14:07 –16:07
  • शुभ मुहूर्त16:07 –18:06
  • रोग पंचक18:06 –20:11
  • शुभ मुहूर्त20:11 –22:21
  • मृत्यु पंचक22:21 –00:29, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक00:29 –02:08, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:08 –02:24, 21 अप्रैल
  • राज पंचक02:24 –04:09, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:09 –04:15, 21 अप्रैल
  • चोर पंचक04:15 –05:51, 21 अप्रैल
  • राज पंचक05:51 –06:12, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:55 –07:45
  • वृषभ07:45 –09:49
  • मिथुन09:49 –12:00
  • कर्क12:00 –14:07
  • सिंह14:07 –16:07
  • कन्या16:07 –18:06
  • तुला18:06 –20:11
  • वृश्चिक20:11 –22:21
  • धनु22:21 –00:29, 21 अप्रैल
  • मकर00:29 –02:24, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:24 –04:09, 21 अप्रैल
  • मीन04:09 –05:51, 21 अप्रैल
  • मेष05:51 –07:41, 21 अप्रैल

पंचांग · कोच्चि, 20 अप्रैल 2026

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को कोच्चि में सूर्योदय 06:12 और सूर्यास्त 18:36 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 16:11 तक, फिर शोभन; करण गर 07:28 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:45–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोच्चि में 20 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:12, कोच्चि)।

20 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 21 अप्रैल 13:00 तक।

कोच्चि में 20 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:45–09:18, यमगण्ड 10:51–12:24, गुलिक काल 13:57–15:30।

कोच्चि में 20 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:36, चंद्रोदय 08:27 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:39–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोच्चि हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2245° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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