पंचांग · गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026जम्मू

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:29सूर्योदय18:07सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 22:16 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
21:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2918:07
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:45 –15:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:29दिन18:07
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:07रात06:30
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    22:16 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    21:20 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुक्ल
    00:58, 9 अक्टू॰ तक
  2. ब्रह्मा
    23:20, 9 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    10:44 तक
  2. वणिज
    22:16 तक
  3. विष्टि
    09:53, 9 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:29
बिंब मध्य 06:33
सूर्यास्त
18:07
बिंब मध्य 18:02
चंद्रोदय
03:56
चंद्रास्त
16:43
दिनमान
11h 38m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:50 –05:40
  • प्रातः संध्या05:15 –06:29
  • अभिजित मुहूर्त11:55 –12:41
  • विजय मुहूर्त14:14 –15:01
  • गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:31
  • सायाह्न संध्या18:07 –19:21
  • निशीथ मुहूर्त23:54 –00:43, 9 अक्टू॰
  • अमृत काल15:01 –16:36
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:45 –15:12
  • यमगंड06:29 –07:56
  • गुलिक काल09:24 –10:51
  • दुर्मुहूर्त10:22 –11:08
  • दुर्मुहूर्त15:01 –15:47
  • वर्ज्य05:33 –07:08
  • वर्ज्य04:32 –06:08, 9 अक्टू॰
  • भद्रा22:16 –06:30, 9 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:29 – 07:56
  • रोग07:56 – 09:24
  • उद्वेग09:24 – 10:51
  • चर10:51 – 12:18
  • लाभ12:18 – 13:45
  • अमृत13:45 – 15:12
  • काल15:12 – 16:39
  • शुभ16:39 – 18:07
रात
  • अमृत18:07 – 19:40
  • चर19:40 – 21:12
  • रोग21:12 – 22:45
  • काल22:45 – 00:18
  • लाभ00:18 – 01:51
  • उद्वेग01:51 – 03:24
  • शुभ03:24 – 04:57
  • अमृत04:57 – 06:30

होरा

दिन
  • गुरु06:29–07:27
  • मंगल07:27–08:25
  • सूर्य08:25–09:24
  • शुक्र09:24–10:22
  • बुध10:22–11:20
  • चन्द्र11:20–12:18
  • शनि12:18–13:16
  • गुरु13:16–14:14
  • मंगल14:14–15:12
  • सूर्य15:12–16:10
  • शुक्र16:10–17:08
  • बुध17:08–18:07
रात
  • चन्द्र18:07–19:09
  • शनि19:09–20:11
  • गुरु20:11–21:12
  • मंगल21:12–22:14
  • सूर्य22:14–23:16
  • शुक्र23:16–00:18
  • बुध00:18–01:20
  • चन्द्र01:20–02:22
  • शनि02:22–03:24
  • गुरु03:24–04:26
  • मंगल04:26–05:28
  • सूर्य05:28–06:30

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद09:28 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद15:23 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद21:20 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद03:18, 9 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद09:17, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 38m
रात्रिमान
12h 23m
मध्याह्न
12:18

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 03:18, 9 अक्टू॰ तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 21:20 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 03:18, 9 अक्टू॰ तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 22:16 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 22:16 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:29 –07:17
  • चोर पंचक07:17 –09:41
  • शुभ मुहूर्त09:41 –12:02
  • रोग पंचक12:02 –14:05
  • शुभ मुहूर्त14:05 –15:43
  • मृत्यु पंचक15:43 –17:06
  • अग्नि पंचक17:06 –18:27
  • शुभ मुहूर्त18:27 –19:58
  • मृत्यु पंचक19:58 –21:20
  • अग्नि पंचक21:20 –21:51
  • शुभ मुहूर्त21:51 –22:16
  • राज पंचक22:16 –00:07, 9 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:07 –02:31, 9 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:31 –04:53, 9 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:53 –06:30, 9 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:57 –07:17
  • तुला07:17 –09:41
  • वृश्चिक09:41 –12:02
  • धनु12:02 –14:05
  • मकर14:05 –15:43
  • कुम्भ15:43 –17:06
  • मीन17:06 –18:27
  • मेष18:27 –19:58
  • वृषभ19:58 –21:51
  • मिथुन21:51 –00:07, 9 अक्टू॰
  • कर्क00:07 –02:31, 9 अक्टू॰
  • सिंह02:31 –04:53, 9 अक्टू॰
  • कन्या04:53 –07:13, 9 अक्टू॰

पंचांग · जम्मू, 8 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को जम्मू में सूर्योदय 06:29 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुक्ल 9 अक्टूबर 00:58 तक, फिर ब्रह्मा; करण गर 10:44 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:45–15:12, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:41। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जम्मू में 8 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:29, जम्मू)।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 9 अक्टूबर 03:18 तक।

जम्मू में 8 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:45–15:12, यमगण्ड 06:29–07:56, गुलिक काल 09:24–10:51।

जम्मू में 8 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 03:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

8 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:55–12:41, ब्रह्म मुहूर्त 04:50–05:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

जम्मू हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2310° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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