पंचांग · सोमवार, 10 अगस्त 2026जम्मू

आषाढ़ · कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083सोम प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय19:21सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण · 08:01 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
12:26 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5019:21
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:32 –09:13
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन19:21
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:21रात05:51
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वादशी
    08:01 तक
  2. कृष्ण त्रयोदशी
    04:54, 11 अग॰ तक
  3. कृष्ण चतुर्दशी
    01:53, 12 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    12:26 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    10:09, 11 अग॰ तक
योग
  1. वज्र
    22:26 तक
  2. सिद्धि
    18:51, 11 अग॰ तक
करण
  1. तैतिल
    08:01 तक
  2. गर
    18:27 तक
  3. वणिज
    04:54, 11 अग॰ तक
  4. विष्टि
    15:23, 11 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:54
सूर्यास्त
19:21
बिंब मध्य 19:16
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
17:44
दिनमान
13h 31m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मिथुन
04:43, 11 अग॰ तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:27 –05:09
  • प्रातः संध्या04:48 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त12:09 –13:03
  • विजय मुहूर्त14:51 –15:45
  • गोधूलि मुहूर्त19:21 –19:42
  • सायाह्न संध्या19:21 –20:24
  • निशीथ मुहूर्त00:15 –00:57, 11 अग॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:32 –09:13
  • यमगंड10:54 –12:36
  • गुलिक काल14:17 –15:58
  • दुर्मुहूर्त13:03 –13:57
  • दुर्मुहूर्त15:45 –16:39
  • वर्ज्य23:18 –00:44, 11 अग॰
  • भद्रा04:54 –05:51, 11 अग॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत05:50 – 07:32
  • काल07:32 – 09:13
  • शुभ09:13 – 10:54
  • रोग10:54 – 12:36
  • उद्वेग12:36 – 14:17
  • चर14:17 – 15:58
  • लाभ15:58 – 17:40
  • अमृत17:40 – 19:21
रात
  • चर19:21 – 20:40
  • रोग20:40 – 21:59
  • काल21:59 – 23:17
  • लाभ23:17 – 00:36
  • उद्वेग00:36 – 01:55
  • शुभ01:55 – 03:14
  • अमृत03:14 – 04:32
  • चर04:32 – 05:51

होरा

दिन
  • चन्द्र05:50–06:58
  • शनि06:58–08:06
  • गुरु08:06–09:13
  • मंगल09:13–10:21
  • सूर्य10:21–11:28
  • शुक्र11:28–12:36
  • बुध12:36–13:43
  • चन्द्र13:43–14:51
  • शनि14:51–15:58
  • गुरु15:58–17:06
  • मंगल17:06–18:13
  • सूर्य18:13–19:21
रात
  • शुक्र19:21–20:14
  • बुध20:14–21:06
  • चन्द्र21:06–21:59
  • शनि21:59–22:51
  • गुरु22:51–23:44
  • मंगल23:44–00:36
  • सूर्य00:36–01:29
  • शुक्र01:29–02:21
  • बुध02:21–03:14
  • चन्द्र03:14–04:06
  • शनि04:06–04:59
  • गुरु04:59–05:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 3 पद07:01 तक
  • आर्द्रा 4 पद12:26 तक
  • पुनर्वसु 1 पद17:52 तक
  • पुनर्वसु 2 पद23:17 तक
  • पुनर्वसु 3 पद04:43, 11 अग॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद10:09, 11 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
अश्लेषा 2 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 31m
रात्रिमान
10h 30m
मध्याह्न
12:36

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 04:43, 11 अग॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 12:26 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 04:43, 11 अग॰ तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 08:01 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:54, 11 अग॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 08:01 तकभोजन में · 04:54, 11 अग॰ तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:50 –06:27
  • राज पंचक06:27 –08:01
  • शुभ मुहूर्त08:01 –08:48
  • चोर पंचक08:48 –11:09
  • शुभ मुहूर्त11:09 –12:26
  • रोग पंचक12:26 –13:33
  • शुभ मुहूर्त13:33 –15:54
  • मृत्यु पंचक15:54 –17:57
  • अग्नि पंचक17:57 –19:35
  • शुभ मुहूर्त19:35 –20:58
  • राज पंचक20:58 –22:19
  • अग्नि पंचक22:19 –23:50
  • शुभ मुहूर्त23:50 –01:43, 11 अग॰
  • राज पंचक01:43 –03:59, 11 अग॰
  • शुभ मुहूर्त03:59 –04:54, 11 अग॰
  • चोर पंचक04:54 –05:51, 11 अग॰

उदय लग्न

  • कर्क04:03 –06:27
  • सिंह06:27 –08:48
  • कन्या08:48 –11:09
  • तुला11:09 –13:33
  • वृश्चिक13:33 –15:54
  • धनु15:54 –17:57
  • मकर17:57 –19:35
  • कुम्भ19:35 –20:58
  • मीन20:58 –22:19
  • मेष22:19 –23:50
  • वृषभ23:50 –01:43, 11 अग॰
  • मिथुन01:43 –03:59, 11 अग॰
  • कर्क03:59 –06:23, 11 अग॰

पंचांग · जम्मू, 10 अगस्त 2026

सोमवार, 10 अगस्त 2026 को जम्मू में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 19:21 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 08:01 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र आर्द्रा 12:26 तक, फिर पुनर्वसु; योग वज्र 22:26 तक, फिर सिद्धि; करण तैतिल 08:01 तक, फिर गर। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 07:32–09:13, अभिजित मुहूर्त 12:09–13:03। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जम्मू में 10 अगस्त 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वादशी 08:01 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 05:50, जम्मू)।

10 अगस्त 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 12:26 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 11 अगस्त 04:43 तक।

जम्मू में 10 अगस्त 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:32–09:13, यमगण्ड 10:54–12:36, गुलिक काल 14:17–15:58।

जम्मू में 10 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:21, चंद्रोदय 02:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

10 अगस्त 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:09–13:03, ब्रह्म मुहूर्त 04:27–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

10 अगस्त 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

सोम प्रदोष।

जम्मू हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2288° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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