पंचांग · शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026जयपुर

आश्विन · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:35सूर्योदय17:46सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 19:25 तक
नक्षत्र
मृगशिरा
09:04 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3517:46
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:47 –12:10
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:35दिन17:46
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:46रात06:36
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    19:25 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    16:57, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. मृगशिरास्वामी मंगल
    09:04 तक
  2. आर्द्रास्वामी राहु
    07:12, 31 अक्टू॰ तक
योग
  1. शिव
    20:41 तक
  2. सिद्ध
    17:31, 31 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    08:46 तक
  2. तैतिल
    19:25 तक
  3. गर
    06:09, 31 अक्टू॰ तक
  4. वणिज
    16:57, 31 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:35
बिंब मध्य 06:39
सूर्यास्त
17:46
बिंब मध्य 17:41
चंद्रोदय
21:29
चंद्रास्त
11:02
दिनमान
11h 11m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
00:00, 1 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:44
  • प्रातः संध्या05:18 –06:35
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:47
  • गोधूलि मुहूर्त17:46 –18:11
  • सायाह्न संध्या17:46 –19:03
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 31 अक्टू॰
  • अमृत काल21:58 –23:27
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:47 –12:10
  • यमगंड14:58 –16:22
  • गुलिक काल07:59 –09:23
  • दुर्मुहूर्त08:49 –09:34
  • दुर्मुहूर्त12:33 –13:17
  • वर्ज्य16:49 –18:17

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:35 – 07:59
  • लाभ07:59 – 09:23
  • अमृत09:23 – 10:47
  • काल10:47 – 12:10
  • शुभ12:10 – 13:34
  • रोग13:34 – 14:58
  • उद्वेग14:58 – 16:22
  • चर16:22 – 17:46
रात
  • रोग17:46 – 19:22
  • काल19:22 – 20:58
  • लाभ20:58 – 22:34
  • उद्वेग22:34 – 00:11
  • शुभ00:11 – 01:47
  • अमृत01:47 – 03:23
  • चर03:23 – 04:59
  • रोग04:59 – 06:36

होरा

दिन
  • शुक्र06:35–07:31
  • बुध07:31–08:27
  • चन्द्र08:27–09:23
  • शनि09:23–10:19
  • गुरु10:19–11:14
  • मंगल11:14–12:10
  • सूर्य12:10–13:06
  • शुक्र13:06–14:02
  • बुध14:02–14:58
  • चन्द्र14:58–15:54
  • शनि15:54–16:50
  • गुरु16:50–17:46
रात
  • मंगल17:46–18:50
  • सूर्य18:50–19:54
  • शुक्र19:54–20:58
  • बुध20:58–22:02
  • चन्द्र22:02–23:06
  • शनि23:06–00:11
  • गुरु00:11–01:15
  • मंगल01:15–02:19
  • सूर्य02:19–03:23
  • शुक्र03:23–04:27
  • बुध04:27–05:32
  • चन्द्र05:32–06:36

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मृगशिरा 4 पद09:04 तक
  • आर्द्रा 1 पद14:34 तक
  • आर्द्रा 2 पद20:06 तक
  • आर्द्रा 3 पद01:38, 31 अक्टू॰ तक
  • आर्द्रा 4 पद07:12, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 11m
रात्रिमान
12h 50m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मृगशिरा · 09:04 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:25 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 19:25 तकभोजन में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:35 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –09:04
  • राज पंचक09:04 –10:18
  • शुभ मुहूर्त10:18 –12:22
  • चोर पंचक12:22 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –15:35
  • रोग पंचक15:35 –17:02
  • चोर पंचक17:02 –18:38
  • शुभ मुहूर्त18:38 –19:25
  • रोग पंचक19:25 –20:35
  • शुभ मुहूर्त20:35 –22:49
  • मृत्यु पंचक22:49 –01:08, 31 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक01:08 –03:24, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:24 –05:38, 31 अक्टू॰
  • राज पंचक05:38 –06:36, 31 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:42 –08:00
  • वृश्चिक08:00 –10:18
  • धनु10:18 –12:22
  • मकर12:22 –14:06
  • कुम्भ14:06 –15:35
  • मीन15:35 –17:02
  • मेष17:02 –18:38
  • वृषभ18:38 –20:35
  • मिथुन20:35 –22:49
  • कर्क22:49 –01:08, 31 अक्टू॰
  • सिंह01:08 –03:24, 31 अक्टू॰
  • कन्या03:24 –05:38, 31 अक्टू॰
  • तुला05:38 –07:56, 31 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 30 अक्टूबर 2026

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय 06:35 और सूर्यास्त 17:46 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 19:25 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मृगशिरा 09:04 तक, फिर आर्द्रा; योग शिव 20:41 तक, फिर सिद्ध; करण कौलव 08:46 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:47–12:10, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 30 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 19:25 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:35, जयपुर)।

30 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा 09:04 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 00:00 तक।

जयपुर में 30 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:47–12:10, यमगण्ड 14:58–16:22, गुलिक काल 07:59–09:23।

जयपुर में 30 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:46, चंद्रोदय 21:29 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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