पंचांग · गुरुवार, 10 अप्रैल 2025जयपुर

चैत्र · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2082गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:08सूर्योदय18:49सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 01:01, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
12:24 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0818:49
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:03 –15:38
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:08दिन18:49
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:49रात06:07
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    01:01, 11 अप्रैल तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    03:22, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    12:24 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    15:10, 11 अप्रैल तक
योग
  1. वृद्धि
    18:58 तक
  2. ध्रुव
    19:45, 11 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    11:56 तक
  2. तैतिल
    01:01, 11 अप्रैल तक
  3. गर
    14:10, 11 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:08
बिंब मध्य 06:11
सूर्यास्त
18:49
बिंब मध्य 18:44
चंद्रोदय
16:39
चंद्रास्त
04:38
दिनमान
12h 41m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
19:04 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
  • प्रातः संध्या05:00 –06:08
  • अभिजित मुहूर्त12:03 –12:54
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:26
  • गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:11
  • सायाह्न संध्या18:49 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त00:05 –00:50, 11 अप्रैल
  • अमृत काल05:21 –07:07
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:03 –15:38
  • यमगंड06:08 –07:43
  • गुलिक काल09:18 –10:53
  • दुर्मुहूर्त10:22 –11:12
  • दुर्मुहूर्त15:26 –16:16
  • वर्ज्य20:26 –22:13

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:08 – 07:43
  • रोग07:43 – 09:18
  • उद्वेग09:18 – 10:53
  • चर10:53 – 12:28
  • लाभ12:28 – 14:03
  • अमृत14:03 – 15:38
  • काल15:38 – 17:14
  • शुभ17:14 – 18:49
रात
  • अमृत18:49 – 20:13
  • चर20:13 – 21:38
  • रोग21:38 – 23:03
  • काल23:03 – 00:28
  • लाभ00:28 – 01:53
  • उद्वेग01:53 – 03:17
  • शुभ03:17 – 04:42
  • अमृत04:42 – 06:07

होरा

दिन
  • गुरु06:08–07:11
  • मंगल07:11–08:15
  • सूर्य08:15–09:18
  • शुक्र09:18–10:22
  • बुध10:22–11:25
  • चन्द्र11:25–12:28
  • शनि12:28–13:32
  • गुरु13:32–14:35
  • मंगल14:35–15:38
  • सूर्य15:38–16:42
  • शुक्र16:42–17:45
  • बुध17:45–18:49
रात
  • चन्द्र18:49–19:45
  • शनि19:45–20:42
  • गुरु20:42–21:38
  • मंगल21:38–22:35
  • सूर्य22:35–23:31
  • शुक्र23:31–00:28
  • बुध00:28–01:24
  • चन्द्र01:24–02:21
  • शनि02:21–03:17
  • गुरु03:17–04:14
  • मंगल04:14–05:11
  • सूर्य05:11–06:07

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद12:24 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद19:04 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद01:45, 11 अप्रैल तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद08:27, 11 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 3 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 41m
रात्रिमान
11h 18m
मध्याह्न
12:28

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 19:04 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 12:24 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 19:04 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:01, 11 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 01:01, 11 अप्रैल तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:08 –08:00
  • राज पंचक08:00 –09:56
  • शुभ मुहूर्त09:56 –12:10
  • चोर पंचक12:10 –12:24
  • शुभ मुहूर्त12:24 –14:29
  • रोग पंचक14:29 –16:45
  • शुभ मुहूर्त16:45 –18:59
  • मृत्यु पंचक18:59 –21:17
  • अग्नि पंचक21:17 –23:35
  • शुभ मुहूर्त23:35 –01:01, 11 अप्रैल
  • राज पंचक01:01 –01:39, 11 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:39 –03:23, 11 अप्रैल
  • चोर पंचक03:23 –04:52, 11 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:52 –06:07, 11 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:56 –06:23
  • मेष06:23 –08:00
  • वृषभ08:00 –09:56
  • मिथुन09:56 –12:10
  • कर्क12:10 –14:29
  • सिंह14:29 –16:45
  • कन्या16:45 –18:59
  • तुला18:59 –21:17
  • वृश्चिक21:17 –23:35
  • धनु23:35 –01:39, 11 अप्रैल
  • मकर01:39 –03:23, 11 अप्रैल
  • कुम्भ03:23 –04:52, 11 अप्रैल
  • मीन04:52 –06:19, 11 अप्रैल

पंचांग · जयपुर, 10 अप्रैल 2025

गुरुवार, 10 अप्रैल 2025 को जयपुर में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 11 अप्रैल 01:01 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 12:24 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 18:58 तक, फिर ध्रुव; करण कौलव 11:56 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:03–15:38, अभिजित मुहूर्त 12:03–12:54। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 10 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 11 अप्रैल 01:01 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:08, जयपुर)।

10 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 12:24 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 19:04 तक।

जयपुर में 10 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:03–15:38, यमगण्ड 06:08–07:43, गुलिक काल 09:18–10:53।

जयपुर में 10 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 16:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

10 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:03–12:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

10 अप्रैल 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2101° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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