पंचांग · गुरुवार, 14 नवंबर 2024जयपुर

कार्तिक · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:46सूर्योदय17:36सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 09:43 तक
नक्षत्र
अश्विनी
00:33, 15 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4617:36
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:32 –14:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:46दिन17:36
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:36रात06:47
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    09:43 तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    06:19, 15 नव॰ तक
  3. पूर्णिमा
    02:58, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    00:33, 15 नव॰ तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    21:55, 15 नव॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    11:29 तक
  2. व्यतीपात
    07:30, 15 नव॰ तक
करण
  1. तैतिल
    09:43 तक
  2. गर
    20:01 तक
  3. वणिज
    06:19, 15 नव॰ तक
  4. विष्टि
    16:38, 15 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:46
बिंब मध्य 06:49
सूर्यास्त
17:36
बिंब मध्य 17:32
चंद्रोदय
16:18
चंद्रास्त
04:46
दिनमान
10h 50m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
03:17, 16 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:01 –05:53
  • प्रातः संध्या05:27 –06:46
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:00 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त17:36 –18:03
  • सायाह्न संध्या17:36 –18:55
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:38, 15 नव॰
  • अमृत काल18:08 –19:33
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:32 –14:54
  • यमगंड06:46 –08:07
  • गुलिक काल09:29 –10:50
  • दुर्मुहूर्त10:23 –11:06
  • दुर्मुहूर्त14:43 –15:26
  • वर्ज्य20:59 –22:24
  • गंड मूल06:46 –00:33, 15 नव॰
  • भद्रा06:19 –06:47, 15 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:46 – 08:07
  • रोग08:07 – 09:29
  • उद्वेग09:29 – 10:50
  • चर10:50 – 12:11
  • लाभ12:11 – 13:32
  • अमृत13:32 – 14:54
  • काल14:54 – 16:15
  • शुभ16:15 – 17:36
रात
  • अमृत17:36 – 19:15
  • चर19:15 – 20:54
  • रोग20:54 – 22:33
  • काल22:33 – 00:12
  • लाभ00:12 – 01:50
  • उद्वेग01:50 – 03:29
  • शुभ03:29 – 05:08
  • अमृत05:08 – 06:47

होरा

दिन
  • गुरु06:46–07:40
  • मंगल07:40–08:34
  • सूर्य08:34–09:29
  • शुक्र09:29–10:23
  • बुध10:23–11:17
  • चन्द्र11:17–12:11
  • शनि12:11–13:05
  • गुरु13:05–14:00
  • मंगल14:00–14:54
  • सूर्य14:54–15:48
  • शुक्र15:48–16:42
  • बुध16:42–17:36
रात
  • चन्द्र17:36–18:42
  • शनि18:42–19:48
  • गुरु19:48–20:54
  • मंगल20:54–22:00
  • सूर्य22:00–23:06
  • शुक्र23:06–00:12
  • बुध00:12–01:17
  • चन्द्र01:17–02:23
  • शनि02:23–03:29
  • गुरु03:29–04:35
  • मंगल04:35–05:41
  • सूर्य05:41–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 1 पद08:32 तक
  • अश्विनी 2 पद13:52 तक
  • अश्विनी 3 पद19:12 तक
  • अश्विनी 4 पद00:33, 15 नव॰ तक
  • भरणी 1 पद05:53, 15 नव॰ तक
  • भरणी 2 पद11:13, 15 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 50m
रात्रिमान
13h 11m
मध्याह्न
12:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 00:33, 15 नव॰ तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 09:43 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:19, 15 नव॰ तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 09:43 तकभोजन में · 06:19, 15 नव॰ तकश्मशान में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:46 –06:59
  • शुभ मुहूर्त06:59 –09:17
  • मृत्यु पंचक09:17 –09:43
  • अग्नि पंचक09:43 –11:21
  • शुभ मुहूर्त11:21 –13:05
  • राज पंचक13:05 –14:34
  • शुभ मुहूर्त14:34 –17:37
  • राज पंचक17:37 –19:34
  • शुभ मुहूर्त19:34 –21:48
  • चोर पंचक21:48 –00:07, 15 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:07 –00:33, 15 नव॰
  • रोग पंचक00:33 –02:23, 15 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:23 –04:37, 15 नव॰
  • मृत्यु पंचक04:37 –06:19, 15 नव॰
  • अग्नि पंचक06:19 –06:47, 15 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:41 –06:59
  • वृश्चिक06:59 –09:17
  • धनु09:17 –11:21
  • मकर11:21 –13:05
  • कुम्भ13:05 –14:34
  • मीन14:34 –16:01
  • मेष16:01 –17:37
  • वृषभ17:37 –19:34
  • मिथुन19:34 –21:48
  • कर्क21:48 –00:07, 15 नव॰
  • सिंह00:07 –02:23, 15 नव॰
  • कन्या02:23 –04:37, 15 नव॰
  • तुला04:37 –06:55, 15 नव॰

पंचांग · जयपुर, 14 नवंबर 2024

गुरुवार, 14 नवंबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:46 और सूर्यास्त 17:36 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 09:43 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र अश्विनी 15 नवंबर 00:33 तक, फिर भरणी; योग सिद्धि 11:29 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 09:43 तक, फिर गर। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:32–14:54, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 14 नवंबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 09:43 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:46, जयपुर)।

14 नवंबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 15 नवंबर 00:33 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 16 नवंबर 03:17 तक।

जयपुर में 14 नवंबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:32–14:54, यमगण्ड 06:46–08:07, गुलिक काल 09:29–10:50।

जयपुर में 14 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 17:36, चंद्रोदय 16:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 नवंबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 05:01–05:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2045° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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