पंचांग · गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
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पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्दशी15:53 तक
- अमावस्या18:17, 1 नव॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल00:44, 1 नव॰ तक
- स्वातीस्वामी राहु03:31, 2 नव॰ तक
- विष्कुम्भ09:50 तक
- प्रीति10:40, 1 नव॰ तक
- शकुनि15:53 तक
- चतुष्पाद05:07, 1 नव॰ तक
- नाग18:17, 1 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:36बिंब मध्य 06:39
- सूर्यास्त
- 17:44बिंब मध्य 17:40
- चंद्रोदय
- 05:24
- चंद्रास्त
- 16:58
- दिनमान
- 11h 8m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कन्या11:15 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:45
- प्रातः संध्या05:19 –06:36
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:33
- विजय मुहूर्त14:02 –14:46
- गोधूलि मुहूर्त17:44 –18:10
- सायाह्न संध्या17:44 –19:02
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 1 नव॰
- अमृत काल17:32 –19:20
- राहु काल13:34 –14:57
- यमगंड06:36 –08:00
- गुलिक काल09:23 –10:47
- दुर्मुहूर्त10:19 –11:03
- दुर्मुहूर्त14:46 –15:31
- वर्ज्य06:44 –08:32
चौघड़िया
- शुभ06:36 – 08:00
- रोग08:00 – 09:23
- उद्वेग09:23 – 10:47
- चर10:47 – 12:10
- लाभ12:10 – 13:34
- अमृत13:34 – 14:57
- काल14:57 – 16:21
- शुभ16:21 – 17:44
- अमृत17:44 – 19:21
- चर19:21 – 20:58
- रोग20:58 – 22:34
- काल22:34 – 00:11
- लाभ00:11 – 01:47
- उद्वेग01:47 – 03:24
- शुभ03:24 – 05:00
- अमृत05:00 – 06:37
होरा
- गुरु06:36–07:32
- मंगल07:32–08:27
- सूर्य08:27–09:23
- शुक्र09:23–10:19
- बुध10:19–11:15
- चन्द्र11:15–12:10
- शनि12:10–13:06
- गुरु13:06–14:02
- मंगल14:02–14:57
- सूर्य14:57–15:53
- शुक्र15:53–16:49
- बुध16:49–17:44
- चन्द्र17:44–18:49
- शनि18:49–19:53
- गुरु19:53–20:58
- मंगल20:58–22:02
- सूर्य22:02–23:06
- शुक्र23:06–00:11
- बुध00:11–01:15
- चन्द्र01:15–02:19
- शनि02:19–03:24
- गुरु03:24–04:28
- मंगल04:28–05:32
- सूर्य05:32–06:37
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- चित्रा 2 पद11:15 तक
- चित्रा 3 पद18:00 तक
- चित्रा 4 पद00:44, 1 नव॰ तक
- स्वाती 1 पद07:27, 1 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 8m
- रात्रिमान
- 12h 53m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण · 11:15 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:53 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 15:53 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक06:36 –07:54
- अग्नि पंचक07:54 –10:12
- शुभ मुहूर्त10:12 –12:16
- राज पंचक12:16 –14:00
- शुभ मुहूर्त14:00 –15:29
- चोर पंचक15:29 –15:53
- शुभ मुहूर्त15:53 –18:33
- चोर पंचक18:33 –20:29
- शुभ मुहूर्त20:29 –22:43
- रोग पंचक22:43 –00:44, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:44 –01:02, 1 नव॰
- मृत्यु पंचक01:02 –03:18, 1 नव॰
- अग्नि पंचक03:18 –05:32, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त05:32 –06:37, 1 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:36 –07:54
- वृश्चिक07:54 –10:12
- धनु10:12 –12:16
- मकर12:16 –14:00
- कुम्भ14:00 –15:29
- मीन15:29 –16:56
- मेष16:56 –18:33
- वृषभ18:33 –20:29
- मिथुन20:29 –22:43
- कर्क22:43 –01:02, 1 नव॰
- सिंह01:02 –03:18, 1 नव॰
- कन्या03:18 –05:32, 1 नव॰
- तुला05:32 –07:50, 1 नव॰
पंचांग · जयपुर, 31 अक्टूबर 2024
गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:36 और सूर्यास्त 17:44 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 15:53 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र चित्रा 1 नवंबर 00:44 तक, फिर स्वाती; योग विष्कुम्भ 09:50 तक, फिर प्रीति; करण शकुनि 15:53 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:34–14:57, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 31 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्दशी 15:53 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 06:36, जयपुर)।
31 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?
चित्रा 1 नवंबर 00:44 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा कन्या राशि में 11:15 तक।
जयपुर में 31 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:34–14:57, यमगण्ड 06:36–08:00, गुलिक काल 09:23–10:47।
जयपुर में 31 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:44, चंद्रोदय 05:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
31 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दीपावली (लक्ष्मी पूजा), नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2040° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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