पंचांग · शनिवार, 31 अक्टूबर 2026चंडीगढ़

आश्विन · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:37सूर्योदय17:36सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 16:57 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
07:12 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3717:36
शनिवार · शनि
राहु काल
09:21 –10:44
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:37दिन17:36
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:36रात06:37
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    16:57 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    14:52, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    07:12 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:39, 1 नव॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    04:30, 2 नव॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    17:31 तक
  2. साध्य
    14:39, 1 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    16:57 तक
  2. विष्टि
    03:52, 1 नव॰ तक
  3. बव
    14:52, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:37
बिंब मध्य 06:40
सूर्यास्त
17:36
बिंब मध्य 17:31
चंद्रोदय
22:24
चंद्रास्त
12:06
दिनमान
10h 59m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मिथुन
00:00, 1 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:45
  • प्रातः संध्या05:19 –06:37
  • अभिजित मुहूर्त11:44 –12:28
  • विजय मुहूर्त13:56 –14:40
  • गोधूलि मुहूर्त17:36 –18:02
  • सायाह्न संध्या17:36 –18:54
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:33, 1 नव॰
  • अमृत काल03:24 –04:54, 1 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:21 –10:44
  • यमगंड13:29 –14:51
  • गुलिक काल06:37 –07:59
  • दुर्मुहूर्त06:37 –07:21
  • दुर्मुहूर्त07:21 –08:05
  • वर्ज्य18:25 –19:55
  • भद्रा16:57 –03:52, 1 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल06:37 – 07:59
  • शुभ07:59 – 09:21
  • रोग09:21 – 10:44
  • उद्वेग10:44 – 12:06
  • चर12:06 – 13:29
  • लाभ13:29 – 14:51
  • अमृत14:51 – 16:14
  • काल16:14 – 17:36
रात
  • लाभ17:36 – 19:14
  • उद्वेग19:14 – 20:51
  • शुभ20:51 – 22:29
  • अमृत22:29 – 00:07
  • चर00:07 – 01:44
  • रोग01:44 – 03:22
  • काल03:22 – 05:00
  • लाभ05:00 – 06:37

होरा

दिन
  • शनि06:37–07:32
  • गुरु07:32–08:27
  • मंगल08:27–09:21
  • सूर्य09:21–10:16
  • शुक्र10:16–11:11
  • बुध11:11–12:06
  • चन्द्र12:06–13:01
  • शनि13:01–13:56
  • गुरु13:56–14:51
  • मंगल14:51–15:46
  • सूर्य15:46–16:41
  • शुक्र16:41–17:36
रात
  • बुध17:36–18:41
  • चन्द्र18:41–19:46
  • शनि19:46–20:51
  • गुरु20:51–21:56
  • मंगल21:56–23:02
  • सूर्य23:02–00:07
  • शुक्र00:07–01:12
  • बुध01:12–02:17
  • चन्द्र02:17–03:22
  • शनि03:22–04:27
  • गुरु04:27–05:32
  • मंगल05:32–06:37

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद07:12 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:46 तक
  • पुनर्वसु 2 पद18:23 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:00, 1 नव॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद05:39, 1 नव॰ तक
  • पुष्य 1 पद11:20, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 59m
रात्रिमान
13h 1m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:00, 1 नव॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 07:12 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 05:39, 1 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 00:00, 1 नव॰ तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 16:57 तकपाताल
शिववास
भोजन में · 16:57 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:37 –07:12
  • चोर पंचक07:12 –07:59
  • शुभ मुहूर्त07:59 –10:19
  • रोग पंचक10:19 –12:22
  • शुभ मुहूर्त12:22 –14:03
  • मृत्यु पंचक14:03 –15:28
  • अग्नि पंचक15:28 –16:50
  • शुभ मुहूर्त16:50 –16:57
  • मृत्यु पंचक16:57 –18:24
  • अग्नि पंचक18:24 –20:18
  • शुभ मुहूर्त20:18 –22:33
  • राज पंचक22:33 –00:55, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:55 –03:15, 1 नव॰
  • चोर पंचक03:15 –05:34, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:34 –05:39, 1 नव॰
  • रोग पंचक05:39 –06:37, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:37 –07:59
  • वृश्चिक07:59 –10:19
  • धनु10:19 –12:22
  • मकर12:22 –14:03
  • कुम्भ14:03 –15:28
  • मीन15:28 –16:50
  • मेष16:50 –18:24
  • वृषभ18:24 –20:18
  • मिथुन20:18 –22:33
  • कर्क22:33 –00:55, 1 नव॰
  • सिंह00:55 –03:15, 1 नव॰
  • कन्या03:15 –05:34, 1 नव॰
  • तुला05:34 –07:55, 1 नव॰

पंचांग · चंडीगढ़, 31 अक्टूबर 2026

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में सूर्योदय 06:37 और सूर्यास्त 17:36 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 17:31 तक, फिर साध्य; करण वणिज 16:57 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 09:21–10:44, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:28। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चंडीगढ़ में 31 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:37, चंडीगढ़)।

31 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 00:00 तक।

चंडीगढ़ में 31 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:21–10:44, यमगण्ड 13:29–14:51, गुलिक काल 06:37–07:59।

चंडीगढ़ में 31 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 17:36, चंद्रोदय 22:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:44–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

चंडीगढ़ हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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