पंचांग · गुरुवार, 3 अप्रैल 2025चंडीगढ़

चैत्र · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2082

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:10सूर्योदय18:43सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 21:41 तक
नक्षत्र
रोहिणी
07:02 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1018:43
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:01 –15:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:10दिन18:43
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:43रात06:08
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    21:41 तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    20:13, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    07:02 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:51, 4 अप्रैल तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    05:20, 5 अप्रैल तक
योग
  1. सौभाग्य
    00:01, 4 अप्रैल तक
  2. शोभन
    21:45, 4 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    10:41 तक
  2. तैतिल
    21:41 तक
  3. गर
    08:52, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:10
बिंब मध्य 06:13
सूर्यास्त
18:43
बिंब मध्य 18:39
चंद्रोदय
09:32
चंद्रास्त
—
दिनमान
12h 33m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
18:21 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:24
  • प्रातः संध्या05:01 –06:10
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:51
  • विजय मुहूर्त14:32 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:06
  • सायाह्न संध्या18:43 –19:52
  • निशीथ मुहूर्त00:03 –00:49, 4 अप्रैल
  • अमृत काल21:29 –23:00
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:01 –15:35
  • यमगंड06:10 –07:44
  • गुलिक काल09:18 –10:52
  • दुर्मुहूर्त10:21 –11:11
  • दुर्मुहूर्त15:22 –16:12
  • वर्ज्य12:21 –13:53

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:10 – 07:44
  • रोग07:44 – 09:18
  • उद्वेग09:18 – 10:52
  • चर10:52 – 12:26
  • लाभ12:26 – 14:01
  • अमृत14:01 – 15:35
  • काल15:35 – 17:09
  • शुभ17:09 – 18:43
रात
  • अमृत18:43 – 20:09
  • चर20:09 – 21:34
  • रोग21:34 – 23:00
  • काल23:00 – 00:26
  • लाभ00:26 – 01:51
  • उद्वेग01:51 – 03:17
  • शुभ03:17 – 04:43
  • अमृत04:43 – 06:08

होरा

दिन
  • गुरु06:10–07:12
  • मंगल07:12–08:15
  • सूर्य08:15–09:18
  • शुक्र09:18–10:21
  • बुध10:21–11:24
  • चन्द्र11:24–12:26
  • शनि12:26–13:29
  • गुरु13:29–14:32
  • मंगल14:32–15:35
  • सूर्य15:35–16:38
  • शुक्र16:38–17:40
  • बुध17:40–18:43
रात
  • चन्द्र18:43–19:40
  • शनि19:40–20:37
  • गुरु20:37–21:34
  • मंगल21:34–22:32
  • सूर्य22:32–23:29
  • शुक्र23:29–00:26
  • बुध00:26–01:23
  • चन्द्र01:23–02:20
  • शनि02:20–03:17
  • गुरु03:17–04:14
  • मंगल04:14–05:11
  • सूर्य05:11–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद07:02 तक
  • मृगशिरा 1 पद12:41 तक
  • मृगशिरा 2 पद18:21 तक
  • मृगशिरा 3 पद00:05, 4 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 4 पद05:51, 4 अप्रैल तक
  • आर्द्रा 1 पद11:39, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 33m
रात्रिमान
11h 25m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 18:21 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 07:02 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:51, 4 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 18:21 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:41 तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 21:41 तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:10 –07:02
  • रोग पंचक07:02 –08:16
  • शुभ मुहूर्त08:16 –10:11
  • मृत्यु पंचक10:11 –12:26
  • अग्नि पंचक12:26 –14:48
  • शुभ मुहूर्त14:48 –17:07
  • राज पंचक17:07 –19:26
  • शुभ मुहूर्त19:26 –21:41
  • चोर पंचक21:41 –21:48
  • शुभ मुहूर्त21:48 –00:07, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक00:07 –02:11, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:11 –03:51, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:51 –05:16, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:16 –05:51, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:51 –06:08, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:20 –06:43
  • मेष06:43 –08:16
  • वृषभ08:16 –10:11
  • मिथुन10:11 –12:26
  • कर्क12:26 –14:48
  • सिंह14:48 –17:07
  • कन्या17:07 –19:26
  • तुला19:26 –21:48
  • वृश्चिक21:48 –00:07, 4 अप्रैल
  • धनु00:07 –02:11, 4 अप्रैल
  • मकर02:11 –03:51, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:51 –05:16, 4 अप्रैल
  • मीन05:16 –06:39, 4 अप्रैल

पंचांग · चंडीगढ़, 3 अप्रैल 2025

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को चंडीगढ़ में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 21:41 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 07:02 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 4 अप्रैल 00:01 तक, फिर शोभन; करण कौलव 10:41 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:01–15:35, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:51। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चंडीगढ़ में 3 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 21:41 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 06:10, चंडीगढ़)।

3 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 07:02 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:21 तक।

चंडीगढ़ में 3 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:01–15:35, यमगण्ड 06:10–07:44, गुलिक काल 09:18–10:52।

चंडीगढ़ में 3 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 09:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:51, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:24। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

चंडीगढ़ हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2099° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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