पंचांग · सोमवार, 21 अक्टूबर 2024चंडीगढ़

आश्विन · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:30सूर्योदय17:45सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 02:29, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:50 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3017:45
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:54 –09:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:30दिन17:45
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:45रात06:30
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    02:29, 22 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    01:29, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:50 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:51, 22 अक्टू॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    05:38, 23 अक्टू॰ तक
योग
  1. वरीयान्
    11:11 तक
  2. परिघ
    08:46, 22 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    15:18 तक
  2. तैतिल
    02:29, 22 अक्टू॰ तक
  3. गर
    13:53, 22 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:30
बिंब मध्य 06:33
सूर्यास्त
17:45
बिंब मध्य 17:40
चंद्रोदय
20:46
चंद्रास्त
10:49
दिनमान
11h 15m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
18:15 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:48 –05:39
  • प्रातः संध्या05:13 –06:30
  • अभिजित मुहूर्त11:45 –12:30
  • विजय मुहूर्त14:00 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:10
  • सायाह्न संध्या17:45 –19:01
  • निशीथ मुहूर्त23:42 –00:33, 22 अक्टू॰
  • अमृत काल21:24 –22:57
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:54 –09:18
  • यमगंड10:43 –12:07
  • गुलिक काल13:32 –14:56
  • दुर्मुहूर्त12:30 –13:15
  • दुर्मुहूर्त14:45 –15:30
  • वर्ज्य12:12 –13:44

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:30 – 07:54
  • काल07:54 – 09:18
  • शुभ09:18 – 10:43
  • रोग10:43 – 12:07
  • उद्वेग12:07 – 13:32
  • चर13:32 – 14:56
  • लाभ14:56 – 16:21
  • अमृत16:21 – 17:45
रात
  • चर17:45 – 19:21
  • रोग19:21 – 20:56
  • काल20:56 – 22:32
  • लाभ22:32 – 00:08
  • उद्वेग00:08 – 01:43
  • शुभ01:43 – 03:19
  • अमृत03:19 – 04:55
  • चर04:55 – 06:30

होरा

दिन
  • चन्द्र06:30–07:26
  • शनि07:26–08:22
  • गुरु08:22–09:18
  • मंगल09:18–10:15
  • सूर्य10:15–11:11
  • शुक्र11:11–12:07
  • बुध12:07–13:04
  • चन्द्र13:04–14:00
  • शनि14:00–14:56
  • गुरु14:56–15:52
  • मंगल15:52–16:49
  • सूर्य16:49–17:45
रात
  • शुक्र17:45–18:49
  • बुध18:49–19:52
  • चन्द्र19:52–20:56
  • शनि20:56–22:00
  • गुरु22:00–23:04
  • मंगल23:04–00:08
  • सूर्य00:08–01:11
  • शुक्र01:11–02:15
  • बुध02:15–03:19
  • चन्द्र03:19–04:23
  • शनि04:23–05:26
  • गुरु05:26–06:30

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:50 तक
  • मृगशिरा 1 पद12:31 तक
  • मृगशिरा 2 पद18:15 तक
  • मृगशिरा 3 पद00:01, 22 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 4 पद05:51, 22 अक्टू॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद11:43, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 15m
रात्रिमान
12h 45m
मध्याह्न
12:07

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 18:15 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:50 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:51, 22 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण · 18:15 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:29, 22 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 02:29, 22 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:30 –06:50
  • शुभ मुहूर्त06:50 –08:36
  • रोग पंचक08:36 –10:56
  • शुभ मुहूर्त10:56 –12:59
  • मृत्यु पंचक12:59 –14:40
  • अग्नि पंचक14:40 –16:05
  • शुभ मुहूर्त16:05 –17:28
  • मृत्यु पंचक17:28 –19:01
  • अग्नि पंचक19:01 –20:55
  • शुभ मुहूर्त20:55 –23:11
  • राज पंचक23:11 –01:33, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:33 –02:29, 22 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:29 –03:52, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:52 –05:51, 22 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:51 –06:11, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:11 –06:30, 22 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:15 –08:36
  • वृश्चिक08:36 –10:56
  • धनु10:56 –12:59
  • मकर12:59 –14:40
  • कुम्भ14:40 –16:05
  • मीन16:05 –17:28
  • मेष17:28 –19:01
  • वृषभ19:01 –20:55
  • मिथुन20:55 –23:11
  • कर्क23:11 –01:33, 22 अक्टू॰
  • सिंह01:33 –03:52, 22 अक्टू॰
  • कन्या03:52 –06:11, 22 अक्टू॰
  • तुला06:11 –08:32, 22 अक्टू॰

पंचांग · चंडीगढ़, 21 अक्टूबर 2024

सोमवार, 21 अक्टूबर 2024 को चंडीगढ़ में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 22 अक्टूबर 02:29 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र रोहिणी 06:50 तक, फिर मृगशिरा; योग वरीयान् 11:11 तक, फिर परिघ; करण कौलव 15:18 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:54–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:45–12:30। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चंडीगढ़ में 21 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 22 अक्टूबर 02:29 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:30, चंडीगढ़)।

21 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:50 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:15 तक।

चंडीगढ़ में 21 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:54–09:18, यमगण्ड 10:43–12:07, गुलिक काल 13:32–14:56।

चंडीगढ़ में 21 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 20:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:45–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:48–05:39। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

चंडीगढ़ हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2036° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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