पंचांग · सोमवार, 14 अक्टूबर 2024चंडीगढ़

आश्विन · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:25सूर्योदय17:52सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 06:41 तक
नक्षत्र
शतभिषा
00:42, 15 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2517:52
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:51 –09:17
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:25दिन17:52
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:52रात06:25
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    06:41 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    03:42, 15 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल त्रयोदशी
    00:19, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. शतभिषास्वामी राहु
    00:42, 15 अक्टू॰ तक
  2. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    22:08, 15 अक्टू॰ तक
योग
  1. गण्ड
    18:01 तक
  2. वृद्धि
    14:13, 15 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    06:41 तक
  2. बव
    17:15 तक
  3. बालव
    03:42, 15 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    14:03, 15 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:25
बिंब मध्य 06:28
सूर्यास्त
17:52
बिंब मध्य 17:48
चंद्रोदय
16:00
चंद्रास्त
02:31
दिनमान
11h 27m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कुम्भ
16:49, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:45 –05:35
  • प्रातः संध्या05:10 –06:25
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:03 –14:49
  • गोधूलि मुहूर्त17:52 –18:18
  • सायाह्न संध्या17:52 –19:08
  • निशीथ मुहूर्त23:44 –00:34, 15 अक्टू॰
  • अमृत काल18:09 –19:37
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:51 –09:17
  • यमगंड10:43 –12:09
  • गुलिक काल13:35 –15:01
  • दुर्मुहूर्त12:32 –13:17
  • दुर्मुहूर्त14:49 –15:35
  • वर्ज्य09:25 –10:52
  • भद्रा06:25 –06:41

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:25 – 07:51
  • काल07:51 – 09:17
  • शुभ09:17 – 10:43
  • रोग10:43 – 12:09
  • उद्वेग12:09 – 13:35
  • चर13:35 – 15:01
  • लाभ15:01 – 16:27
  • अमृत16:27 – 17:52
रात
  • चर17:52 – 19:27
  • रोग19:27 – 21:01
  • काल21:01 – 22:35
  • लाभ22:35 – 00:09
  • उद्वेग00:09 – 01:43
  • शुभ01:43 – 03:17
  • अमृत03:17 – 04:51
  • चर04:51 – 06:25

होरा

दिन
  • चन्द्र06:25–07:22
  • शनि07:22–08:19
  • गुरु08:19–09:17
  • मंगल09:17–10:14
  • सूर्य10:14–11:11
  • शुक्र11:11–12:09
  • बुध12:09–13:06
  • चन्द्र13:06–14:03
  • शनि14:03–15:01
  • गुरु15:01–15:58
  • मंगल15:58–16:55
  • सूर्य16:55–17:52
रात
  • शुक्र17:52–18:55
  • बुध18:55–19:58
  • चन्द्र19:58–21:01
  • शनि21:01–22:03
  • गुरु22:03–23:06
  • मंगल23:06–00:09
  • सूर्य00:09–01:12
  • शुक्र01:12–02:14
  • बुध02:14–03:17
  • चन्द्र03:17–04:20
  • शनि04:20–05:23
  • गुरु05:23–06:25

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • शतभिषा 1 पद08:22 तक
  • शतभिषा 2 पद13:51 तक
  • शतभिषा 3 पद19:17 तक
  • शतभिषा 4 पद00:42, 15 अक्टू॰ तक
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद06:06, 15 अक्टू॰ तक
  • पूर्वभाद्रपद 2 पद11:28, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 27m
रात्रिमान
12h 33m
मध्याह्न
12:09

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
शतभिषा · 00:42, 15 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पूर्वभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पाताल · 06:41 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:42, 15 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 06:41 तककैलाश पर · 03:42, 15 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:25 –06:41
  • रोग पंचक06:41 –06:42
  • शुभ मुहूर्त06:42 –09:04
  • मृत्यु पंचक09:04 –11:23
  • अग्नि पंचक11:23 –13:27
  • शुभ मुहूर्त13:27 –15:07
  • राज पंचक15:07 –16:33
  • शुभ मुहूर्त16:33 –19:29
  • राज पंचक19:29 –21:23
  • शुभ मुहूर्त21:23 –23:38
  • चोर पंचक23:38 –00:42, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:42 –02:00, 15 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:00 –03:42, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:42 –04:20, 15 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक04:20 –06:25, 15 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:24 –06:42
  • तुला06:42 –09:04
  • वृश्चिक09:04 –11:23
  • धनु11:23 –13:27
  • मकर13:27 –15:07
  • कुम्भ15:07 –16:33
  • मीन16:33 –17:55
  • मेष17:55 –19:29
  • वृषभ19:29 –21:23
  • मिथुन21:23 –23:38
  • कर्क23:38 –02:00, 15 अक्टू॰
  • सिंह02:00 –04:20, 15 अक्टू॰
  • कन्या04:20 –06:38, 15 अक्टू॰

पंचांग · चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2024

सोमवार, 14 अक्टूबर 2024 को चंडीगढ़ में सूर्योदय 06:25 और सूर्यास्त 17:52 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 06:41 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र शतभिषा 15 अक्टूबर 00:42 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग गण्ड 18:01 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 06:41 तक, फिर बव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:51–09:17, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:32। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चंडीगढ़ में 14 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 06:41 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:25, चंडीगढ़)।

14 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

शतभिषा 15 अक्टूबर 00:42 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 15 अक्टूबर 16:49 तक।

चंडीगढ़ में 14 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:51–09:17, यमगण्ड 10:43–12:09, गुलिक काल 13:35–15:01।

चंडीगढ़ में 14 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:52, चंद्रोदय 16:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:45–05:35। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

चंडीगढ़ हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2033° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP