पंचांग · सोमवार, 31 अगस्त 2026भुवनेश्वर

श्रावण · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2083कजरी तीजसंकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:31सूर्योदय18:03सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 08:51 तक
नक्षत्र
रेवती
03:23, 1 सित॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3118:03
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:05 –08:39
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:31दिन18:03
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
गुलिक काल
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:03रात05:31
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    08:51 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    07:42, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    03:23, 1 सित॰ तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    02:42, 2 सित॰ तक
योग
  1. गण्ड
    01:50, 1 सित॰ तक
  2. वृद्धि
    23:38, 1 सित॰ तक
करण
  1. विष्टि
    08:51 तक
  2. बव
    20:19 तक
  3. बालव
    07:42, 1 सित॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:31
बिंब मध्य 05:34
सूर्यास्त
18:03
बिंब मध्य 17:59
चंद्रोदय
19:58
चंद्रास्त
08:05
दिनमान
12h 32m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मीन
03:23, 1 सित॰ तक
सूर्य राशि
सिंह

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
भाद्रपद
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:45
  • प्रातः संध्या04:22 –05:31
  • अभिजित मुहूर्त11:22 –12:12
  • विजय मुहूर्त13:52 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:03 –18:26
  • सायाह्न संध्या18:03 –19:12
  • निशीथ मुहूर्त23:24 –00:10, 1 सित॰
  • अमृत काल01:01 –02:36, 1 सित॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:05 –08:39
  • यमगंड10:13 –11:47
  • गुलिक काल13:21 –14:55
  • दुर्मुहूर्त12:12 –13:02
  • दुर्मुहूर्त14:43 –15:33
  • वर्ज्य15:34 –17:08
  • गंड मूल05:31 –03:23, 1 सित॰
  • गंड मूल03:23 –05:31, 1 सित॰
  • भद्रा05:31 –08:51

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत05:31 – 07:05
  • काल07:05 – 08:39
  • शुभ08:39 – 10:13
  • रोग10:13 – 11:47
  • उद्वेग11:47 – 13:21
  • चर13:21 – 14:55
  • लाभ14:55 – 16:29
  • अमृत16:29 – 18:03
रात
  • चर18:03 – 19:29
  • रोग19:29 – 20:55
  • काल20:55 – 22:21
  • लाभ22:21 – 23:47
  • उद्वेग23:47 – 01:13
  • शुभ01:13 – 02:39
  • अमृत02:39 – 04:05
  • चर04:05 – 05:31

होरा

दिन
  • चन्द्र05:31–06:33
  • शनि06:33–07:36
  • गुरु07:36–08:39
  • मंगल08:39–09:41
  • सूर्य09:41–10:44
  • शुक्र10:44–11:47
  • बुध11:47–12:50
  • चन्द्र12:50–13:52
  • शनि13:52–14:55
  • गुरु14:55–15:58
  • मंगल15:58–17:01
  • सूर्य17:01–18:03
रात
  • शुक्र18:03–19:01
  • बुध19:01–19:58
  • चन्द्र19:58–20:55
  • शनि20:55–21:52
  • गुरु21:52–22:50
  • मंगल22:50–23:47
  • सूर्य23:47–00:44
  • शुक्र00:44–01:42
  • बुध01:42–02:39
  • चन्द्र02:39–03:36
  • शनि03:36–04:34
  • गुरु04:34–05:31

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद09:41 तक
  • रेवती 2 पद15:37 तक
  • रेवती 3 पद21:31 तक
  • रेवती 4 पद03:23, 1 सित॰ तक
  • अश्विनी 1 पद09:15, 1 सित॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 32m
रात्रिमान
11h 28m
मध्याह्न
11:47

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 03:23, 1 सित॰ तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 03:23, 1 सित॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 03:23, 1 सित॰ तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 08:51 तकपाताल
शिववास
क्रीड़ा में · 08:51 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:31 –06:45
  • रोग पंचक06:45 –08:51
  • शुभ मुहूर्त08:51 –08:53
  • मृत्यु पंचक08:53 –11:05
  • अग्नि पंचक11:05 –13:20
  • शुभ मुहूर्त13:20 –15:25
  • राज पंचक15:25 –17:14
  • शुभ मुहूर्त17:14 –18:49
  • चोर पंचक18:49 –20:23
  • राज पंचक20:23 –22:05
  • शुभ मुहूर्त22:05 –00:05, 1 सित॰
  • चोर पंचक00:05 –02:17, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त02:17 –03:23, 1 सित॰
  • रोग पंचक03:23 –04:32, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त04:32 –05:31, 1 सित॰

उदय लग्न

  • सिंह04:35 –06:45
  • कन्या06:45 –08:53
  • तुला08:53 –11:05
  • वृश्चिक11:05 –13:20
  • धनु13:20 –15:25
  • मकर15:25 –17:14
  • कुम्भ17:14 –18:49
  • मीन18:49 –20:23
  • मेष20:23 –22:05
  • वृषभ22:05 –00:05, 1 सित॰
  • मिथुन00:05 –02:17, 1 सित॰
  • कर्क02:17 –04:32, 1 सित॰
  • सिंह04:32 –06:41, 1 सित॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 31 अगस्त 2026

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:03 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 08:51 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रेवती 1 सितंबर 03:23 तक, फिर अश्विनी; योग गण्ड 1 सितंबर 01:50 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 08:51 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 07:05–08:39, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:12। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 31 अगस्त 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 08:51 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:31, भुवनेश्वर)।

31 अगस्त 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 1 सितंबर 03:23 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 1 सितंबर 03:23 तक।

भुवनेश्वर में 31 अगस्त 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:05–08:39, यमगण्ड 10:13–11:47, गुलिक काल 13:21–14:55।

भुवनेश्वर में 31 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:03, चंद्रोदय 19:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अगस्त 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:22–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

31 अगस्त 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कजरी तीज, संकष्टी चतुर्थी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2296° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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