पंचांग · गुरुवार, 3 अप्रैल 2025भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी21:41 तक
- शुक्ल सप्तमी20:13, 4 अप्रैल तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र07:02 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल05:51, 4 अप्रैल तक
- सौभाग्य00:01, 4 अप्रैल तक
- शोभन21:45, 4 अप्रैल तक
- कौलव10:41 तक
- तैतिल21:41 तक
- गर08:52, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:39बिंब मध्य 05:42
- सूर्यास्त
- 18:02बिंब मध्य 17:58
- चंद्रोदय
- 09:24
- चंद्रास्त
- 23:30
- दिनमान
- 12h 23m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृषभ18:21 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:06 –04:52
- प्रातः संध्या04:29 –05:39
- अभिजित मुहूर्त11:25 –12:15
- विजय मुहूर्त13:54 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:02 –18:25
- सायाह्न संध्या18:02 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:26 –00:13, 4 अप्रैल
- अमृत काल21:29 –23:00
- राहु काल13:23 –14:56
- यमगंड05:39 –07:11
- गुलिक काल08:44 –10:17
- दुर्मुहूर्त09:46 –10:36
- दुर्मुहूर्त14:44 –15:33
- वर्ज्य12:21 –13:53
चौघड़िया
- शुभ05:39 – 07:11
- रोग07:11 – 08:44
- उद्वेग08:44 – 10:17
- चर10:17 – 11:50
- लाभ11:50 – 13:23
- अमृत13:23 – 14:56
- काल14:56 – 16:29
- शुभ16:29 – 18:02
- अमृत18:02 – 19:29
- चर19:29 – 20:56
- रोग20:56 – 22:23
- काल22:23 – 23:50
- लाभ23:50 – 01:17
- उद्वेग01:17 – 02:44
- शुभ02:44 – 04:11
- अमृत04:11 – 05:38
होरा
- गुरु05:39–06:40
- मंगल06:40–07:42
- सूर्य07:42–08:44
- शुक्र08:44–09:46
- बुध09:46–10:48
- चन्द्र10:48–11:50
- शनि11:50–12:52
- गुरु12:52–13:54
- मंगल13:54–14:56
- सूर्य14:56–15:58
- शुक्र15:58–17:00
- बुध17:00–18:02
- चन्द्र18:02–19:00
- शनि19:00–19:58
- गुरु19:58–20:56
- मंगल20:56–21:54
- सूर्य21:54–22:52
- शुक्र22:52–23:50
- बुध23:50–00:48
- चन्द्र00:48–01:46
- शनि01:46–02:44
- गुरु02:44–03:42
- मंगल03:42–04:40
- सूर्य04:40–05:38
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 4 पद07:02 तक
- मृगशिरा 1 पद12:41 तक
- मृगशिरा 2 पद18:21 तक
- मृगशिरा 3 पद00:05, 4 अप्रैल तक
- मृगशिरा 4 पद05:51, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 23m
- रात्रिमान
- 11h 36m
- मध्याह्न
- 11:50
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण · 18:21 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:41 तकआकाश
- शिववास
- नंदी पर · 21:41 तकभोजन में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:39 –07:02
- रोग पंचक07:02 –07:58
- शुभ मुहूर्त07:58 –09:57
- मृत्यु पंचक09:57 –12:10
- अग्नि पंचक12:10 –14:24
- शुभ मुहूर्त14:24 –16:33
- राज पंचक16:33 –18:41
- शुभ मुहूर्त18:41 –20:54
- चोर पंचक20:54 –21:41
- शुभ मुहूर्त21:41 –23:08
- रोग पंचक23:08 –01:14, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:14 –03:03, 4 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:03 –04:38, 4 अप्रैल
- अग्नि पंचक04:38 –05:38, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:42 –06:15
- मेष06:15 –07:58
- वृषभ07:58 –09:57
- मिथुन09:57 –12:10
- कर्क12:10 –14:24
- सिंह14:24 –16:33
- कन्या16:33 –18:41
- तुला18:41 –20:54
- वृश्चिक20:54 –23:08
- धनु23:08 –01:14, 4 अप्रैल
- मकर01:14 –03:03, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:03 –04:38, 4 अप्रैल
- मीन04:38 –06:11, 4 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 3 अप्रैल 2025
गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:39 और सूर्यास्त 18:02 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 21:41 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 07:02 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 4 अप्रैल 00:01 तक, फिर शोभन; करण कौलव 10:41 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:23–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 21:41 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:39, भुवनेश्वर)।
3 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 07:02 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:21 तक।
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:23–14:56, यमगण्ड 05:39–07:11, गुलिक काल 08:44–10:17।
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:02, चंद्रोदय 09:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15, ब्रह्म मुहूर्त 04:06–04:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2099° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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